क्षेत्रीय
09-Jun-2026
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- इतिहास और जूलॉजी सबसे लोकप्रिय विषय पटना, (ईएमएस)। शैक्षणिक सत्र 2026-30 के लिए चार वर्षीय चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के तहत स्नातक (यूजी) पार्ट-1 पाठ्यक्रमों में नामांकन हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सोमवार को समाप्त हो गई। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (पीपीयू) के अंतर्गत पटना और नालंदा जिलों के कॉलेजों में नियमित कला, विज्ञान और वाणिज्य पाठ्यक्रमों के लिए एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। विश्वविद्यालय के अधीन संचालित अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों के साथ-साथ कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के 16 नवस्थापित डिग्री कॉलेजों में कुल मिलाकर लगभग 1.25 लाख सीटें उपलब्ध हैं। - इतिहास और जूलॉजी की सबसे अधिक मांग पीपीयू के छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीएसडब्ल्यू) राजीव रंजन के अनुसार, कला संकाय में इतिहास सबसे पसंदीदा विषय बनकर उभरा है। इस विषय के लिए करीब 20 हजार छात्रों ने आवेदन किया है। वहीं विज्ञान संकाय में जूलॉजी (प्राणी विज्ञान) सबसे अधिक लोकप्रिय रही, जिसके लिए लगभग 13 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इससे जीवन विज्ञान और उससे जुड़े क्षेत्रों के प्रति छात्रों की बढ़ती रुचि का संकेत मिलता है। - अन्य लोकप्रिय विषयों में भी भारी रुचि कला संकाय के अन्य प्रमुख विषयों में: राजनीति विज्ञान– 9,666 आवेदन भूगोल– 8,233 आवेदन हिंदी– 7,903 आवेदन वहीं विज्ञान संकाय में: भौतिकी (फिजिक्स)– 6,753 आवेदन भाषा विषयों में: उर्दू– 553 आवेदन संस्कृत– 171 आवेदन प्राप्त हुए हैं। - पूरी तरह ऑनलाइन होगी नामांकन प्रक्रिया डीएसडब्ल्यू राजीव रंजन ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा गया है, ताकि पारदर्शिता और छात्रों की सुविधा सुनिश्चित की जा सके। आवेदनों की जांच के बाद विश्वविद्यालय 13 जून को पहली मेरिट सूची जारी करेगा। इसके आधार पर 14 जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। चयनित अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रवेश संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। - त्रुटि सुधार का मिलेगा अवसर पीपीयू के कुलसचिव अबू बकर ने कहा कि मेरिट सूची तैयार करने से पहले आवेदकों को अपने आवेदन पत्र में हुई त्रुटियों को सुधारने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए 9 और 10 जून को सुधार विंडो खुली रहेगी। उन्होंने कहा कि चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम राज्यभर के छात्रों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रहा है। मेरिट सूची का निर्माण अभ्यर्थियों के प्राप्त अंकों के आधार पर किया जाएगा। - छात्रों में बढ़ा चार वर्षीय पाठ्यक्रम का आकर्षण विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप संचालित चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर और करियर विकल्प प्रदान कर रहा है। यही कारण है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में छात्रों ने नामांकन के लिए आवेदन किया है। संतोष झा- ०९ जून/२०२६/ईएमएस