क्षेत्रीय
09-Jun-2026
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महासमुंद (ईएमएस)। जिले के बहुचर्चित पिरदा धान खरीदी घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बसना थाना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर धान खरीदी केंद्र में करोड़ों रुपये के गबन में शामिल होने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2020-21 में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पिरदा के धान उपार्जन केंद्र में बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आई थी। जांच में पाया गया कि खरीदी केंद्र से 17,210.72 क्विंटल धान का हिसाब नहीं मिला, जिससे शासन को करीब 4 करोड़ 50 लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई। इस मामले में 27 मार्च 2024 को शिकायत दर्ज होने के बाद बसना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पहले भी कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है। वहीं शेष आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी। तकनीकी साक्ष्यों और दस्तावेजी जांच के आधार पर पुलिस ने 8 जून 2026 को फरार चल रहे दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में तत्कालीन खरीदी केंद्र प्रभारी कन्हाई सेठ और तत्कालीन सेल्समैन राजकुमार पटेल शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों में भी उनकी भूमिका सामने आने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धान खरीदी घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। मामले में शामिल सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह मामला प्रदेश के चर्चित सहकारी घोटालों में से एक माना जा रहा है, जिसमें शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। - (ईएमएस) 09 जून 2026