20 बागी सांसदों के अलग गुट बनाने के बाद स्पीकर को भेजा पत्र -काकोली घोष दस्तीदार को चुन चुके हैं बागी सांसद नई दिल्ली,(ईएमएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच पार्टी प्रमुख और संसदीय दल की चेयरपर्सन ममता बनर्जी ने लोकसभा में वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को पार्टी का नया चीफ व्हिप नियुक्त किया है। इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजकर अनुरोध किया गया है कि इस नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब एक दिन पहले ही लोकसभा में टीएमसी के 28 सांसदों में से 20 सांसदों ने बगावत कर पार्टी नेतृत्व से अलग होने का दावा किया था। बागी सांसदों ने केंद्र की एनडीए सरकार को समर्थन देने की घोषणा करते हुए सांसद काकोली घोष दस्तीदार को अपना चीफ व्हिप चुना था। काकोली घोष दस्तीदार ने बागी सांसदों के हस्ताक्षर वाला पत्र लोकसभा अध्यक्ष को भेजकर अलग संसदीय ब्लॉक के रूप में मान्यता और सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग भी की थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय के आवास पर बागी सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें जून मालिया, बापी हलदर, अबू ताहिर खान और असित कुमार मल समेत कई सांसद शामिल हुए। बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी वहां पहुंचे और सांसदों से मुलाकात की। इससे पहले 9 जून को 11 बागी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के पश्चिम बंगाल प्रभारी भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक की थी। उस बैठक में भी शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी चर्चा का विषय रही थी। संसद में टीएमसी की स्थिति लोकसभा में टीएमसी के वर्तमान में 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। इससे पहले 3 जून को पश्चिम बंगाल विधानसभा में भी बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया था, जब 80 में से 58 विधायकों ने अलग गुट बनाने का दावा किया था। इस समूह ने ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना था। लगातार हो रहे इन घटनाक्रमों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अब नजर लोकसभा अध्यक्ष के फैसले और बागी सांसदों की मान्यता संबंधी मांगों पर टिकी हुई है, जिनका असर संसद और राज्य की राजनीति दोनों पर पड़ सकता है। हिदायत/ईएमएस 09जून26