क्षेत्रीय
09-Jun-2026
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​गुना (ईएमएस)। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत अध्ययनरत विद्यार्थियों की लंबित प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं होने से परेशान निजी स्कूल संचालकों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जनसुनवाई में आवेदन सौंपा। प्राइवेट स्कूल वेलफेयर संचालक मंच के बैनर तले पहुंचे संचालकों ने शासन और राज्य शिक्षा केंद्र पर दो शैक्षणिक सत्रों की फीस प्रतिपूर्ति राशि लंबित रखने का आरोप लगाते हुए शीघ्र भुगतान की मांग की। संचालकों का कहना है कि आरटीई के तहत प्रवेशित विद्यार्थियों के पिछले दो सत्र पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी फीस प्रतिपूर्ति राशि जारी नहीं की गई है। इसके कारण निजी विद्यालय गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। शिक्षकों के वेतन, बिजली बिल, भवन किराया तथा अन्य दैनिक संचालन संबंधी खर्चों का वहन करना लगातार कठिन होता जा रहा है। आवेदन में बताया गया कि आगामी 1 जुलाई से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने वाला है। ऐसे में आर्थिक तंगी के चलते कई स्कूलों के लिए आरटीई के विद्यार्थियों को पूर्व की तरह शिक्षा उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया है। संचालकों ने शासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 25 जून 2026 तक लंबित भुगतान का निराकरण नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। संचालकों ने यह भी घोषणा की है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक भुगतान नहीं हुआ तो 1 जुलाई को प्रदेशभर के प्रभावित निजी स्कूल संचालक आरटीई के विद्यार्थियों को लेकर राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल पहुंचेंगे। उनका कहना है कि चूंकि इन विद्यार्थियों का आवंटन राज्य शिक्षा केंद्र के माध्यम से किया गया है, इसलिए विभाग ही उनके आगे के अध्ययन की व्यवस्था सुनिश्चित करे।संचालकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी नियम का उल्लंघन करना नहीं, बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति और असमर्थता को शासन के समक्ष रखना है। उन्होंने मांग की कि विद्यार्थियों के हित और विद्यालयों के सुचारू संचालन को देखते हुए लंबित राशि का शीघ्र भुगतान किया जाए। - सीताराम नाटानी