क्षेत्रीय
09-Jun-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ी सरयूपारीण विप्र संघ खारंग परिक्षेत्र की मासिक बैठक इस बार केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं रही। ग्राम सेलर में आयोजित बैठक में जहां संगठन के पुनर्गठन, सदस्यता विस्तार और युवा सहभागिता को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, वहीं संगठन की स्वीकृति के बिना उसके नाम और बैनर के उपयोग के मुद्दे पर समाज ने स्पष्ट और सख्त रुख भी सामने रखा। बैठक में वरिष्ठ सदस्य जगदीश गुरूद्वान, कुशल प्रसाद शर्मा, भागवत प्रसाद तिवारी और चंद्रिका प्रसाद तिवारी को संगठन के पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही वार्षिक सदस्यता अभियान को गति देने के लिए गांव-गांव पहुंचकर सदस्यता शुल्क संग्रहित करने का निर्णय लिया गया। समाज के युवाओं को संगठित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल करते हुए सीस से गतौरा तक के गांवों के युवा विप्रों को जोडऩे के उद्देश्य से निकट भविष्य में युवा सम्मेलन आयोजित करने पर सहमति बनी। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी सामाजिक संगठन की मजबूती उसके युवा नेतृत्व और सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित विषय मकर संक्रांति पर्व पर अशोक वाटिका में आयोजित वह कार्यक्रम रहा, जो युवा विप्र खारंग परिक्षेत्र के बैनर तले आयोजित किया गया था। उपस्थित सदस्यों ने इस आयोजन को संगठन की पूर्व स्वीकृति और जानकारी के बिना आयोजित किए जाने पर गंभीर आपत्ति दर्ज की। विस्तृत चर्चा के बाद उपस्थित विप्रजनों ने सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित किया। बैठक में यह मत प्रमुखता से उभरा कि किसी भी सामाजिक संगठन का नाम, बैनर और पहचान सामूहिक विश्वास की पूंजी होती है तथा उसका उपयोग संगठन की निर्धारित प्रक्रिया और सहमति के अनुरूप ही होना चाहिए। इस संबंध में युवा विप्र खारंग परिक्षेत्र के अध्यक्ष अंकित गौरहा ने कहा कि संगठन की जानकारी और अनुमति के बिना बेलतरा क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि द्वारा अपने दो व्यवसायिक सहयोगियों के साथ मिलकर राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए संगठन के नाम एवं बैनर का उपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम से समाज के वरिष्ठजनों और युवाओं में असंतोष की भावना पैदा हुई है। इसी कारण बैठक में नाराजगी व्यक्त करते हुए आयोजन के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक ने यह भी कहा गया कि सामाजिक संगठनों की विश्वसनीयता और स्वायत्तता को बनाए रखने के लिए संगठनात्मक मर्यादा, सामूहिक निर्णय और पारदर्शी प्रक्रिया का पालन आवश्यक है। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि संगठन का मंच सामाजिक एकता और सामुदायिक विकास के लिए है, न कि किसी व्यक्तिगत या राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति का माध्यम बैठक में प्रदीप शास्त्री, अर्जुन तिवारी, विरेन्द्र गौरहा, राम अवतार पांडेय, ओंकार शर्मा, राजेन्द्र तिवारी, डॉ. सुरेश चन्द्र शर्मा, ईश्वर प्रसाद तिवारी, परमेश्वर तिवारी, अश्वनी पांडेय, मदन मोहन पांडेय, लक्ष्मी प्रसाद तिवारी, सनत शर्मा, संतोष कुमार मिश्रा, योगेश्वर दुबे, अंकित गौरहा, रितेश शर्मा, महेन्द्र पांडेय, शोभाकांत तिवारी, अवधेश शर्मा, कृष्णा पांडेय, चंद्रेश तिवारी, सतीष तिवारी, अभिषेक शर्मा, लक्ष्मीनारायण पांडेय, संतोष तिवारी, आलोक शर्मा, ज्योतिष तिवारी और आयुष तिवारी सहित बड़ी संख्या में विप्रजन उपस्थित रहे। मनोज राज 09 जून 2026