0 वर्तमान में मिल रहे 15,900 रुपये, छात्रों ने बताया राष्ट्रीय औसत से काफी कम बिलासपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस इंटर्न्स के स्टाइपेंड में वृद्धि की मांग तेज हो गई है। भारतीय चिकित्सा संघ चिकित्सा छात्र नेटवर्क (आईएमए-एमएसएन) छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत सोमवार को छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर के अधिष्ठाता डॉ. रमनेश मूर्ति को ज्ञापन सौंपा गया। छात्रों ने वर्तमान 15 हजार 900 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड को बढ़ाकर लगभग 30 हजार रुपये करने की मांग की है। आईएमए-एमएसएन छत्तीसगढ़ के सह-अध्यक्ष डॉ. निलय तिवारी एवं मुख्य छात्रावास अधीक्षक व नोडल अधिकारी डॉ. भूपेंद्र कश्यप के मार्गदर्शन में छात्रों ने अधिष्ठाता डॉ. रमनेश मूर्ति को ज्ञापन सौंपा। अभियान को सफल बनाने में विनय कुमार, यशवंत पात्रे, छाया मंडावी, कोमल मित्तल, डॉ. कृति दुबे, प्रमोद साहू, मुस्कान कुमावत और मयंक यादव शामिल रहे। प्रदेशभर के 6,468 से अधिक छात्रों का समर्थन आईएमए-एमएसएन के अनुसार इस अभियान को राज्य के चिकित्सा छात्रों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। अब तक विभिन्न शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों से 6,468 से अधिक प्रतिक्रियाएं प्राप्त हो चुकी हैं। प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों से लेकर इंटर्न्स तक सभी छात्र इस मांग के समर्थन में एकजुट होकर भागीदारी निभा रहे हैं। अधिष्ठाता ने माना, वर्तमान स्टाइपेंड बेहद कम ज्ञापन प्राप्त करने के बाद अधिष्ठाता डॉ. रमनेश मूर्ति ने छात्रों की मांगों को उचित बताते हुए कहा कि वर्तमान स्टाइपेंड वास्तव में काफी कम है और इसमें वृद्धि की आवश्यकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ज्ञापन को आगे की कार्रवाई के लिए सतत चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा संचालनालय तथा मंत्रालय तक भेजा जाएगा। सरकार तक पहुंचेगी मांग आईएमए-एमएसएन ने कहा है कि सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में ज्ञापन सौंपने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को भी ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं होने पर व्यापक आंदोलन पर विचार किया जा सकता है। मनोज राज 09 जून 2026