इन्दौर (ईएमएस) प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय धीरेंद्र सिंह की कोर्ट ने भरण-पोषण के एक मामले में सुनवाई उपरांत एकपक्षीय अंतरिम आदेश पारित करते हुए पति को प्रति माह 50 हजार रुपए गुजारा भत्ता अपनी पत्नी को देने के निर्देश दिए। पत्नी की ओर से पैरवी करते एडवोकेट प्रवीण रावल ने की। उन्होंने कोर्ट को पति पर आरोप लगाते बताया कि पत्नी स्वयं अपना भरण पोषण करने में सक्षम नहीं है। जबकि पति पर्याप्त साधनों वाला व्यक्ति है फिर भी उसके द्वारा पत्नी के निर्वाह की जिम्मेदारी नहीं निभाई जा रही है वह पत्नी का भरण पोषण नहीं करता है। पत्नी ने भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह दो लाख रुपए की आवश्यकता बताई थी। जिसके पश्चात कोर्ट ने भरण-पोषण संबंधी मामलों में निर्धारित सिद्धांतों के अनुसार अंतरिम राहत प्रदान करते अपने आदेश में कहा कि पति अपनी पत्नी को प्रति माह 50 हजार रुपए अदा करे। इसके अलावा एक हजार रुपए प्रकरण व्यय के रूप में भी देने का आदेश दिया। यह राशि मूल आवेदन प्रस्तुत किए जाने की तारीख से देय होगी। आनंद पुरोहित/ 09 जून 2026