राज्य
09-Jun-2026


थंगम थेन्नारासु का बड़ा बयान: एम के स्टालिन ने टीवीके सरकार को गिराने की कोई बात नहीं कही, बयानों को मरोड़ा गया चेन्नई (ईएमएस)। तमिलनाडु के वरिष्ठ नेता थंगम थेन्नारासु ने मंगलवार को एक बड़ा बयान जारी कर स्पष्ट किया कि पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कभी भी टीवीके सरकार को बर्खास्त करने या गिराने की बात नहीं कही थी। उन्होंने कहा कि स्टालिन की टिप्पणियों को राजनीतिक लाभ के लिए जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। थेन्नारासु ने दृढ़ता से कहा, “डीएमके नेता ने ऐसा कोई दावा नहीं किया कि यह सरकार तीन महीने में गिर जाएगी, और न ही हमारी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई किसी भी सरकार को गिराने की राजनीति का समर्थन करती है। उन्होंने केवल राज्य में पूरी तरह चरमरा चुकी शासन व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी गंभीर चिंताओं की ओर इशारा किया था।” यह स्पष्टीकरण उस बड़े सियासी घमासान के बाद आया है, जिसमें स्टालिन के एक बयान को विपक्षी दलों द्वारा सरकार गिराने की भविष्यवाणी के रूप में प्रचारित किया जा रहा था। थेन्नारासु ने विपक्ष की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि स्टालिन ने पहले खुद यह घोषणा की थी कि नई सरकार के गठन के बाद विपक्ष कम से कम छह महीने तक उसकी कोई आलोचना नहीं करेगा। लेकिन, राज्य की जमीनी स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि जनहित में विपक्ष को समय से पहले ही अपनी आवाज बुलंद करनी पड़ी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब राज्य में दिन-दहाड़े हत्या, लूट, दरांती से हिंसक हमले, बेखौफ नशा तस्करी, पेट्रोल बम फेंकने की घटनाएं, लगातार बिजली कटौती, किसानों के उग्र प्रदर्शन और महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के मामले रोज अखबारों की सुर्खियां बन रहे हों, तो एक जिम्मेदार विपक्ष कैसे मूकदर्शक बना रह सकता है? स्टालिन का बयान किसी भी तरह से सरकार को अस्थिर करने के लिए नहीं, बल्कि सोए हुए प्रशासन को जगाने के लिए था। अपने बयान में थेन्नारासु ने हाल ही में सत्तारूढ़ दल से जुड़ी एक महिला के साथ हुए कथित यौन उत्पीड़न के गंभीर मामले का भी प्रमुखता से उल्लेख किया। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी होने के बावजूद, शिकायत में नामजद संबंधित विधायक के खिलाफ अब तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है, जो बेहद निराशाजनक है। उन्होंने अंत में कहा कि सरकार बनने के महज कुछ ही हफ्तों के भीतर जनता का मोहभंग होने लगा है। स्टालिन की टिप्पणियों का एकमात्र उद्देश्य लोगों के भीतर पनप रहे इसी गुस्से और घोर निराशा को लोकतांत्रिक ढंग से उजागर करना था, न कि चुनी हुई सरकार को अपदस्थ करने की मांग उठाना। रामयश/ईएमएस 09 जून 2026