रामभद्राचार्य की राम कथा में पहुंचे सीएम योगी लखनऊ,(ईएमएस)। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में जगद्गुरु रामभद्राचार्य की श्रीरामकथा में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने प्रभु श्रीराम को नारी गरिमा और लव जिहाद जैसी चुनौतियों से निपटने का आदर्श उदाहरण बताया। साथ ही, उन्होंने प्राचीन नकारात्मक शक्तियों, विशेषकर रावण के सहयोगियों को लैंड जिहादी करार देकर उन पर जमकर हमला बोला। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रभु श्रीराम का चरित्र नारी गरिमा के लिए समर्पित था और आज के समय में यह लव जिहाद जैसी सामाजिक बुराई को रोकने का सबसे प्रभावी मार्ग है। उन्होंने कहा कि शायद ही कोई ऐसा भारतीय हो जिसके डीएनए में भारत हो और वह श्रीराम को न मानता हो। रावण के राज्य का जिक्र कर योगी ने बताया कि खर, दूषण, ताड़का, मारीच और सुबाहु जैसे राक्षस पूरे दंडकारण्य में कब्जा जमाए हुए थे। उन्होंने इन सभी को रावण के साथ लैंड जिहाद के अभियान में शामिल बताया, जिसका उद्देश्य साधु-संतों को उनकी भूमि से हटाकर उजाड़ मचाना था। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामकथा केवल सुनने का विषय नहीं है, बल्कि रामकथा को सुनकर समझना भी होगा ताकि नकारात्मक ताकतों का मुकाबला किया जा सके। सीएम योगी ने चेताया कि नकारात्मक शक्तियां हर कालखंड में आएंगी, लेकिन सज्जन शक्ति को उनका डटकर मुकाबला करना होगा। उन्होंने कहा कि जिसने भी राम का द्रोह किया, उसका इस धरती पर कोई स्थान नहीं रहा, जैसे मारीच और रावण उच्च कुल में जन्म लेकर भी पशुवत मारे गए। इसके विपरीत, पवनसुत हनुमान और विभीषण जैसे सामान्य व्यक्तियों ने राम की संगत का असर ऐसा हुआ कि वे पूज्य हो गए। सीएम योगी ने भारत के प्रति निष्ठा और आस्था न रखने वालों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, जो भारत के प्रति निष्ठा नहीं रखते, भारत के संस्कारों का सम्मान नहीं करते, उन लोगों के लिए भारत की धरती धर्मशाला नहीं हो सकती। उन्होंने इस संकल्प के साथ आगे बढ़ने और धर्म व जाति के नाम पर बांटने वालों के प्रयासों को विफल करने की अपील की। रामजन्मभूमि आंदोलन को संतों के बलिदान का प्रतिफल बताकर मुख्यमंत्री ने कहा कि 491 वर्षों तक रामजन्मभूमि के लिए किसी न किसी रूप में आंदोलन चलता रहा। उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य की तुलना मध्यकालीन कवि तुलसीदास से करते हुए कहा कि वे भी आज जनचेतना जागृत कर, समाज को एकजुट करने और प्रभु राम की भक्ति का संदेश देकर पूरे उत्तर भारत को एकता में जोड़ने का काम कर रहे हैं। योगी ने चित्रकूट में देश के पहले दिव्यांग विश्वविद्यालय की स्थापना में जगद्गुरु के योगदान की भी सराहना की, और कहा कि उनके माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के आचरणों का अनुसरण देश का बहुत बड़ा कल्याण करेगा। आशीष दुबे / 09 जून 2026