अंतर्राष्ट्रीय
09-Jun-2026
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लंदन,(ईएमएस)। अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) के मुख्य अभियोजक करीम खान को यौन दुराचार के गंभीर आरोपों के बीच उनके पद और दायित्वों से निलंबित किया गया है। अदालत के इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी मौजूदा मुख्य अभियोजक के खिलाफ इस स्तर की अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। 56 वर्षीय ब्रिटिश बैरिस्टर करीम खान पर उनकी एक महिला सहयोगी के साथ कथित यौन दुराचार करने के आरोप लगे हैं। इन आरोपों की जांच संयुक्त राष्ट्र के आंतरिक निगरानी कार्यालय द्वारा की गई, जिसके बाद न्यायालय के जांच निकाय ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की। हालांकि खान ने शुरुआत से ही सभी आरोपों को खारिज किया है और किसी भी तरह की गलत हरकत से इंकार किया है। आईसीसी की निगरानी संस्था ‘असेंबली ऑफ स्टेट्स पार्टीज’ के ब्यूरो ने बताया कि निलंबन का निर्णय जांच रिपोर्ट, उपलब्ध साक्ष्यों, न्यायिक विशेषज्ञों के एक विशेष पैनल की सलाह और संबंधित पक्षों की लिखित प्रस्तुतियों के आधार पर लिया गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यह निलंबन अंतिम निर्णय नहीं है और इसे दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। करीम खान मई 2025 में जांच पूरी होने तक स्वेच्छा से अपने पद से अलग हो गए थे। अब उनके भविष्य का फैसला ‘असेंबली ऑफ स्टेट्स पार्टीज’ की विशेष बैठक में किया जाएगा, जहां यह तय होगा कि वे अपने पद पर बने रहने वाले हैं, या नहीं। करीम खान के खिलाफ आरोप पहली बार दो वर्ष से अधिक समय पहले आईसीसी की स्वतंत्र निगरानी इकाई के समक्ष लाए गए थे। इस अभूतपूर्व मामले ने वैश्विक न्याय व्यवस्था के सर्वोच्च संस्थानों में जवाबदेही, पारदर्शिता और आंतरिक आचरण संबंधी मानकों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आशीष दुबे / 09 जून 2026