राज्य
09-Jun-2026


रियल-टाइम ग्रिड प्रबंधन से बढ़ेगी उत्पादन दक्षता जबलपुर, (ईएमएस)। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने विद्युत उत्पादन क्षेत्र में तकनीकी आधुनिकीकरण और ग्रिड प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी की श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह, दोंगलिया के सभी विद्युत उत्पादन इकाइयों में केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग के नवीनतम के अनुरूप उन्नत डीएसएम सिस्टम को सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया गया है। यह प्रणाली विद्युत गृह को वास्तविक समय में ग्रिड की आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक सटीक, त्वरित एवं प्रभावी ढंग से संचालन करने में सक्षम बनाएगी। इसके साथ ही पॉवर जनरेटिंग कंपनी राष्ट्रीय ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने, निर्धारित विद्युत उत्पादन के अनुपालन तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा चुकी है। आखिर क्या होता है डीएसएम सिस्टम? ........ विद्युत उत्पादन क्षेत्र में केवल बिजली उत्पादन ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय ग्रिड के साथ उसका संतुलित समन्वय भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। इसी उद्देश्य से सीईआरसी द्वारा वर्ष 2024 में डीएसएम लागू किए गए हैं। यह एक ऐसी नियामकीय व्यवस्था है, जिसके माध्यम से निर्धारित एवं वास्तविक विद्युत उत्पादन अथवा उपभोग के बीच होने वाले अंतर की निगरानी और प्रबंधन किया जाता है। इसका प्रमुख उद्देश्य ग्रिड अनुशासन को सुदृढ़ करना तथा विद्युत प्रणाली को सुरक्षित, स्थिर एवं विश्वसनीय बनाए रखना है। इस उपलब्धि पर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि, “डीएसएम विद्युत उत्पादन कंपनियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्रणाली है। सुनील साहू / मोनिका / 09 जून 2026/ 06.59