-किम और शी ने सहयोग बढ़ाने का लिया संकल्प प्योंगयांग,(ईएमएस)। उत्तर कोरिया और चीन ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प जाहिर किया है। यह सहमति उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच प्योंगयांग में हुई शिखर वार्ता के दौरान बनी। दोनों नेताओं ने मुलाकात को द्विपक्षीय संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत बताकर भविष्य में उच्चस्तरीय संपर्क तथा रणनीतिक संवाद को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जाहिर की है। 7 वर्षों बाद उत्तर कोरिया की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर पहुंचे शी का प्योंगयांग में भव्य स्वागत किया गया। वार्ता के दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास संबंधी हितों का समर्थन जारी रखने का वादा किया। किम ने चीन के साथ संबंधों को अपने देश की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल बताकर कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को समाजवादी सहयोग का आदर्श मॉडल बनाया जाएगा। यह यात्रा तब हुई है जब उत्तर कोरिया और चीन अपने संबंधों को फिर से मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हाल के वर्षों में रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ती निकटता के कारण बीजिंग और प्योंगयांग के रिश्तों में कुछ दूरी देखी गई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शी की यह यात्रा उत्तर कोरिया पर चीन के प्रभाव को पुनः सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। किम ने इस बात की भी सराहना की कि शी जिनपिंग ने वर्ष 2026 की अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए प्योंगयांग को चुना। वहीं शी ने भरोसा दिलाया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, चीन दोनों देशों के साझा हितों और क्षेत्रीय स्थिरता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। दिलचस्प बात यह रही कि वार्ता के दौरान उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम या कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा स्थिति पर कोई सार्वजनिक चर्चा नहीं हुई। दोनों नेताओं ने मित्रता के प्रतीक के रूप में एक पेड़ भी लगाया तथा कोरियाई युद्ध में मारे गए चीनी सैनिकों की स्मृति में बने स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस यात्रा को चीन-उत्तर कोरिया संबंधों में नए विश्वास और दीर्घकालिक सहयोग के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आशीष दुबे / 09 जून 2026