मण्डला (ईएमएस)! मंडला जिले के नारायणगंज विकासखंड के अंतर्गत आने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुल्य क्षेत्रों में इन दिनों केंद्रीय अध्ययन किया जा रहा है। भारत सरकार के शोध संस्थान की दिल्ली से आई राष्ट्रीय मूल्यांकन दल ने क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर विशेष रूप से कमजोर जनजाति बैगा महिलाओं के जीवन स्तर का बारीकी से मूल्यांकन किया। जानकारी अनुसार राष्ट्रीय मूल्यांकन दल में शामिल वरिष्ठ अधिकारी व नेशनल मॉनीटर डॉ.अमित तिवारी, डॉ.ठाकुर एवं डॉ.राठौर ने विकासखंड के सुदूर बैगा बाहुल्य ग्राम कापा, चकदेही, मुकासखुर्द, देवरीकला, बबलिया, डोभा और डोभी का सघन दौरा किया। यहाँ टीम ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित महिला स्व-सहायता समूहों से सीधा संपर्क साधा। टीम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रभाव से विशेष रूप से कमजोर जनजाति बैगा महिलाओं के आजीविका प्रतिरूपों में परिवर्तन, मध्य प्रदेश के विशेष संदर्भ में विषय पर व्यापक अध्ययन करना है। राष्ट्रीय मूल्यांकन दल के सदस्यों द्वारा बैगा महिलाओं के साथ समूह की औपचारिक बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों में महिलाओं द्वारा की जाने वाली नियमित बचत, उनके द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों के प्रारूप और शासन की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं से बैगा परिवारों के रहन-सहन व जीवन स्तर में आए सकारात्मक परिवर्तनों पर बिंदुवार विशेष चर्चा की गई। महिलाओं ने भी खुलकर अपने आजीविका के साधनों और आर्थिक स्वावलंबन की कहानियों को शोध दल के सामने साझा किया। इस महत्वपूर्ण अध्ययन और चर्चा के दौरान स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों और समूहों का उत्साहवर्धन करने के लिए नारायणगंज जनपद पंचायत के अध्यक्ष आसाराम भारतीया, ग्राम पंचायत सरपंच देवचरण पंद्राम, पंचायत इंस्पेक्टर श्री पटेल, ग्राम पंचायत सचिव रामू सिंह बरकड़े, सहायक सचिव दिनेश यादव समेत बड़ी संख्या में बैगा परिवारों के सदस्य और ग्रामीण जन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। शोध दल इस अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर आगामी रिपोर्ट तैयार कर भारत सरकार को सौंपेगा।