मण्डला (ईएमएस)! आगामी मानसून को देखते हुए जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री राहुल नामदेव धोटे ने मंगलवार को एसडीईआरएफ (स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स) सेंटर का निरीक्षण कर वर्षा पूर्व तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कंट्रोल रूम, संचार व्यवस्था एवं रेस्क्यू उपकरणों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। डिप्टी कमांडेंट एसडीईआरएफ श्री हेमराज परस्ते ने बताया कि मानसून के दौरान संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए रेस्क्यू बोट, लाइफ जैकेट, रस्सियां, टॉर्च, कटिंग टूल्स तथा डाइविंग किट सहित सभी आवश्यक उपकरणों की जांच एवं रखरखाव का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। साथ ही कंट्रोल रूम में वायरलेस सेट, सैटेलाइट फोन और वीएचएफ संचार प्रणाली को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है, ताकि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि जीपीएस और डिजिटल मैपिंग तकनीक के माध्यम से जिले के बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है तथा एसडीईआरएफ की टीमें अलर्ट मोड पर रखी गई हैं। आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रेस्क्यू और राहत कार्य किए जा सकें, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुदृढ़ की गई हैं। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री धोटे ने निर्देश दिए कि सभी उपकरणों की नियमित फील्ड टेस्टिंग कर उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निचले इलाकों एवं नदी किनारे स्थित गांवों में मॉक ड्रिल आयोजित कर नागरिकों को सुरक्षित निकासी एवं आपदा के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्री धोटे ने कहा कि बारिश के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में समय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ टीमों की तत्परता और समन्वय भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने मौसम विभाग एवं जिला कंट्रोल रूम के साथ सतत समन्वय बनाए रखते हुए अलर्ट सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री धोटे ने एसडीईआरएफ, राजस्व, पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग के बीच संयुक्त अभ्यास आयोजित करने पर भी जोर दिया, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई कर सकें। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री राजेश रघुवंशी, सहायक कलेक्टर श्री शैलेंद्र चौधरी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।