क्षेत्रीय
09-Jun-2026
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सीपीआर की जानकारी दी गई। शाजापुर (ईएमएस)। सड़क हादसों के दौरान शुरुआती कुछ मिनट यानी गोल्डन आवर किसी भी घायल की जान बचाने के लिए सबसे अहम होते हैं। अक्सर सही समय पर प्राथमिक उपचार और मदद न मिल पाने के कारण कई लोग अकाल मृत्यु का शिकार हो जाते हैं। दुर्घटनाओं में होने वाली इसी जनहानि को रोकने और आम नागरिकों को मददगार बनने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से मंगलवार दोपहर ग्राम पनवाड़ी स्थित एबी रोड के ब्लैक स्पॉट (डेंजर जोन) पर एक विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने शिरकत कर ग्रामीणों का उत्साहवर्धन किया। उज्जैन रेंज के डीआईजी नवनीत भसीन और शाजापुर पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय, एसडीओपी अजय मिश्रा, रक्षित निरीक्षक वंदना सिंह, यातायात प्रभारी सौरव शुक्ला और सुनेरा थाना प्रभारी अंकित मुकाती विशेष रूप से मौजूद रहे। चिकित्सकों ने दिया सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जीवन रक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण रहा। जिला अस्पताल शाजापुर से आई चिकित्सकों की टीम ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को सीपीआर कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन देने का व्यावहारिक तरीका सिखाया। डॉक्टरों ने बताया कि किसी भी दुर्घटना या कार्डियक अरेस्ट जैसी आपात स्थिति में यदि मरीज को तुरंत सही तरीके से सीपीआर दिया जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। मदद करने वालों को मिलेगा इनाम, घायलों का होगा मुफ्त इलाज जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को दुर्घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से भी अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नेक नागरिक को अब पुलिस परेशान नहीं करती है, बल्कि इस योजना के तहत उन्हें 25 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया जाता है। ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना के पात्र घायलों को 1.50 लाख रुपए तक का कैशलेस (मुफ्त) उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि वे सड़क पर घायल पड़े व्यक्ति को देखकर कतराएं नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक की तरह आगे बढ़कर मदद करें। साथ ही, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गई। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और आपातकालीन सहायता संबंधी अहम जानकारियां प्राप्त कीं।