अंतर्राष्ट्रीय
09-Jun-2026


मुजफ्फराबाद (ईएमएस)। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। क्षेत्र में सक्रिय जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा की गई फायरिंग में कई लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने 6 जून को जेएएसी पर आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत प्रतिबंध लगाया था। इसके विरोध में पीओके के विभिन्न शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह संगठन स्थानीय लोगों के आर्थिक और नागरिक अधिकारों की आवाज उठा रहा था और उस पर लगाया गया प्रतिबंध लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। हिंसक झड़पों के बाद हालात और बिगड़ गए। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कम से कम 11 लोगों की मौत हुई है और 70 से अधिक लोग घायल हुए हैं। कई इलाकों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है और स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इस घटनाक्रम पर भारत ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग की निंदा करते हुए इसे पाकिस्तान द्वारा अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने का प्रयास बताया है। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र के लोगों के अधिकारों और सुरक्षा का सम्मान किया जाना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीओके में बढ़ता असंतोष पाकिस्तान के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर लगातार कश्मीर मुद्दे पर बयान दे रहे हैं, जबकि पीओके के भीतर ही शासन और अधिकारों को लेकर असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। सुबोध/०९-०६-२०२६