पूर्व सरपंच और पुत्र पर 10 साल से नियमों की धज्जियां उड़ाने के आरोप शिकायतों के बाद भी कार्रवाई शून्य, ग्रामीणों ने की जांच व कार्यवाही की मांग बालाघाट (ईएमएस). जिले के लालबर्रा क्षेत्र के ग्राम डोंगरिया में अवैध उत्खनन और शासकीय भूमि पर कब्जे का बड़ा खेल सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि वर्षों से चल रहे इस कथित गोरखधंधे पर प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। ग्राम डोंगरिया में पूर्व सरपंच लिखनलाल बिसेन और उनके पुत्र क्षमाशंकर बिसेन पर अवैध उत्खनन और प्लाटिंग का संगीन आरोप लगा है। शिकायतकर्ता के अनुसार, हाईवे किनारे जमीनों पर बिना अनुमति और बिना रॉयल्टी के बड़े पैमाने पर मिट्टी भराई और प्लाटिंग का काम धड़ल्ले से जारी है, जिससे शासन को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पिछले 10 वर्षों में कई बार शिकायतें और मीडिया में मामला उठने के बावजूद आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या राजनीतिक संरक्षण के चलते यह पूरा खेल चल रहा है? पहाडिय़ों में भी किया जा रहा है उत्खनन ग्राम पंचायत डोंगरिया सरपंच, उपसरपंच दयाराम बाजनघाटे, पंच दीपचंद टेंभरे, ग्रामीण बुधराम ठाकरे, पप्पू वरकड़े, प्रभा उईके सहित अन्य ने बताया कि ग्राम की पहाडिय़ों को तक नहीं बख्शा गया और वर्षों तक उनका अवैध उत्खनन किया गया। गैलेक्सी टाउन के पीछे स्थित तालाब में भी वर्तमान में जेसीबी और डंपरों से खनन जारी है, जिससे पर्यावरण और जल स्रोतों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इतना ही नहीं, ग्रीन सिटी की सडक़ बनाने के नाम पर करीब 5 एकड़ शासकीय भूमि का इस्तेमाल कर लिया गया। वहीं ग्रीन वैली स्कूल के नाम पर बिना ग्रामसभा प्रस्ताव के 2 से 2.5 एकड़ जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य किया जा रहा है। अवैध प्लाटिंग से सिमटा तालाब ग्राम डोंगरिया के आमाबोडी तालाब का भी हाल बदतर कर दिया गया है। जहां रिकॉर्ड में 7 एकड़ का तालाब बताया गया है, वह अब सिमटकर 2 एकड़ से भी कम रह गया है। लगातार अवैध प्लाटिंग और उत्खनन से प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंच रहा है। शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब जागता है या यूं ही सरकारी जमीन पर ‘खेल’ चलता रहेगा।