ग्वालियर ( ईएमएस ) । नगर निगम में संपत्तिकर वसूली और बैंक खातों में जमा राशि के मिलान के दौरान सामने आई वित्तीय अनियमितताओं पर निगमायुक्त श्री संघ प्रिय ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर एक सहायक राजस्व निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि तत्कालीन प्रभारी राजस्व निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नगर निगम की लेखा शाखा द्वारा ई-नगर पालिका पोर्टल पर दर्ज संपत्तिकर वसूली और बैंक में जमा राशि का मिलान किए जाने पर कुल 16,081 रुपए का अंतर सामने आया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वार्ड क्रमांक 25 और 66 में पदस्थ सहायक राजस्व निरीक्षक श्री अंकित शर्मा द्वारा वसूली गई नकद राशि और चेकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर बैंक में जमा नहीं कराया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार कई चेक लंबे समय तक बैंक में जमा नहीं किए गए और कुछ मामलों में चेक क्लियरेंस की स्थिति भी पोर्टल पर समय पर अपडेट नहीं की गई, जिससे रिकॉर्ड में असंगति बनी रही। इसे गंभीर वित्तीय लापरवाही मानते हुए निगमायुक्त श्री संघ प्रिय ने सहायक राजस्व निरीक्षक श्री अंकित शर्मा को तत्काल निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। इसी प्रकरण में तत्कालीन प्रभारी राजस्व निरीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। जांच में यह पाया गया कि अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा प्राप्त संपत्तिकर राशि और चेकों की समयबद्ध बैंक जमा प्रक्रिया तथा उनकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी उनके स्तर पर थी, लेकिन इसमें अपेक्षित निगरानी नहीं बरती गई। इस पर निगम प्रशासन ने उन्हें कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि उनके विरुद्ध एक वेतनवृद्धि रोकने जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।