:: डीजीपी कैलाश मकवाणा ने की दीक्षांत परेड की सलामी; बोले- जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत :: इंदौर (ईएमएस)। देशभक्ति, अनुशासन और जनसेवा के संकल्प के साथ मध्य प्रदेश पुलिस को मंगलवार को 983 नए जांबाज मिल गए। इंदौर स्थित पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) में आयोजित 78वें दीक्षांत समारोह में नव आरक्षकों ने बेहद अनुशासित परेड के माध्यम से अपनी दक्षता का प्रदर्शन किया। परेड की सलामी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा ने ली। समारोह को संबोधित करते हुए डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि आज का दिन नव आरक्षकों के जीवन का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की असली ताकत हथियार या अधिकार नहीं, बल्कि जनता का विश्वास है। उन्होंने कहा, जब कोई पीड़ित पुलिस के पास आता है, तो वह न्याय के साथ-साथ संवेदनशीलता की अपेक्षा भी रखता है। डीजीपी ने बदलते समय के साथ पुलिसिंग की चुनौतियों पर जोर देते हुए कहा कि अपराधी अब डिजिटल संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में पुलिसकर्मियों का केवल शारीरिक रूप से फिट होना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें साइबर जागरूकता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल फॉरेंसिक में भी दक्ष होना होगा। :: सिंहस्थ 2028 : एक बड़ी चुनौती :: आगामी सिंहस्थ-2028 का जिक्र करते हुए डीजीपी ने कहा कि यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विश्व का सबसे बड़ा मानव समागम है। इसमें सुरक्षा, यातायात और क्राउड मैनेजमेंट के लिए पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ ही उन्होंने नशामुक्ति अभियान को पुलिस का सामाजिक मिशन बताते हुए नव आरक्षकों से इसमें सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। :: संस्थान ने फिर बढ़ाया मान :: पुलिस अधीक्षक पीटीसी, वाहनी सिंह ने बताया कि पीटीसी इंदौर को बीपीआरएंडडी, नई दिल्ली द्वारा दो बार देश का सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण संस्थान चुना जा चुका है। अब तक यहाँ से 27 हजार से अधिक आरक्षक प्रशिक्षित होकर पुलिस सेवा का गौरव बढ़ा रहे हैं। :: अहिल्याबाई के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति :: दीक्षांत समारोह के पूर्व सोमवार को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। इसमें प्रशिक्षु आरक्षकों ने लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन दर्शन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति दी। डीजीपी ने संस्थान की स्मारिका सांदीपनि स्मृति का विमोचन भी किया। इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) रवि कुमार गुप्ता, इंदौर पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी और नव आरक्षकों के अभिभावक उपस्थित थे। प्रकाश/09 जून 2026