व्यापार
23-Apr-2023
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नई दिल्ली (ईएमएस)। अक्षय तृतीया के शुभ मौके पर सोने की बिक्री बाजार के उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही। एक दिन पहले तक राष्ट्रीय राजधानी के ज्वेलर्स एक दिन में तकरीबन एक हजार करोड़ रुपये मूल्य तक के सोने की ज्वेलरी व बुलियन बिक्री की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन शनिवार को कुल बिक्री 300 से 400 करोड़ रुपये के करीब ही रही। जबकि बिक्री बढ़ाने के लिए ग्राहकों को लुभाने के लिए ज्वेलर्स ने छूट व उपहार तक की पेशकश की थी, लेकिन यह उतना कारगर साबित नहीं हुआ। इसके पीछे प्रमुख वजह सोने के दाम में महंगाई को बताया जा रहा है। सोना प्रति 10 ग्राम 60 हजार रुपये से अधिक ही है। जबकि पिछले वर्ष इसी दिन इसकी कीमत 50 हजार प्रति 10 ग्राम के करीब थी। इसलिए निवेशक सोन में निवेश से फिलहाल बच रहे हैं। वहीं, शादी व अन्य शुभ कार्य के लिए खरीदार कम वजन की ज्वेलरी पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में ग्राहक तो ज्वेलरी की दुकानों पर पहुंचे और खूब तोलमोल कर सोने पर दांव लगाया। द बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन कूचा महाजनी के चेयरमैन योगेश सिंघल के अनुसार, शनिवार को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर खरीदार घरों से तो निकले, लेकिन कारोबार उम्मीद से कम रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष कारोबार 50 प्रतिशत ही रहा। दरीबा व्यापार मंडल के महासचिव मनीष वर्मा के अनुसार सोने की गिन्नी की मांग अधिक रही। लोग इसलिए बाजारों में सोने की खरीदारी करने आए, क्योंकि इसे अक्षय तृतीया के मौके पर खरीदना शुभ माना जाता है। इसलिए लोगों ने सोने के अधिक मूल्य को देखते ही कम वजन वाले ज्वेलरी पर भी दांव लगाया।