मुंबई, (ईएमएस)। जब हर तरफ नवरात्रि की धूम मची है, उसी दौरान मुंबई के माहिम में एक विवाहिता को उसके ससुराल वालों ने छह करोड़ के दहेज के लिए अभूतपूर्व मानसिक और शारीरिक यातना दी। इतना ही नहीं, उसे जानबूझकर पीटा भी गया और गर्भपात के लिए मजबूर किया गया। इस घटना ने एक बार फिर उजागर कर दिया है कि मायानगरी मुंबई में दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना बढ़ती जा रही है। हर दिन एक से दो महिलाएं दहेज सहित घरेलू हिंसा का शिकार हो रही हैं। आंकड़ों के अनुसार पिछले सात महीनों में दहेज के लिए मानसिक प्रताड़ना के 305 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 271 मामलों का समाधान हो चुका है। दहेज के लिए प्रताड़ित की गई 4 महिलाओं की मौत हो चुकी है, जबकि 5 ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। इसमें ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। दरअसल कई लोग बदनामी के डर से अपनी बेटियों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित होने पर भी अपना ख्याल रखने की सलाह देते हैं। वे समय-समय पर बेटी के ससुराल वालों की माँगें भी पूरी करते हैं। लेकिन कुछ मामलों में लड़कियाँ बेहद गंभीर कदम उठा रही हैं। माहिम निवासी शिकायतकर्ता लड़की की 18 सितंबर को दर्ज शिकायत के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में उसकी शादी माहिम में रहने वाले लकड़ी व्यापारी एक युवक से हुई थी। उसके ससुराल वालों ने दहेज में 21 लाख रुपये और एक बीएमडब्ल्यू कार की माँग की थी। उसके पिता ने दहेज में 11 लाख रुपये, 165 तोला सोना, दो किलो चांदी और एक कार दी और इस्लाम जिमखाना में 3 करोड़ रुपये की लागत से भव्य शादी का आयोजन भी किया। इतना सब होने के बावजूद, उसके ससुराल वालों ने 6 करोड़ रुपये के दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया और मारा-पीटा। इस दौरान दुल्हन का गर्भपात हो गया। बहरहाल माहिम पुलिस मामले की जाँच कर रही है। संजय/संतोष झा- २७ सितंबर/२०२५/ईएमएस