राजकोट (ईएमएस)| राज्य सरकार द्वारा सूदखोरी के दुष्प्रभाव को समाप्त करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत कल राजकोट ग्रामीण के भायावदर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के करकमलों से “तेरा तुझको अर्पण” कार्यक्रम के तहत सूदखोरी के मामलों में जब्त की गई संपत्तियां और अवैध रूप से हड़पी गई जायदाद सम्मानपूर्वक उनके मूल मालिकों को वापस सौंपी गईं। इस पूरी कार्रवाई में सबसे हृदयस्पर्शी मामला भायावदर के 60 वर्षीय वृद्ध उदयभाई का रहा। सूदखोर विश्वराजसिंह चूडासमा के अत्याचार से तंग आकर उदयभाई ने आत्महत्या करने की मंशा से एक मार्मिक व्हाट्सएप संदेश भेजा था। संदेश में उन्होंने उल्लेख किया था कि आरोपी ने उनकी पुश्तैनी 18 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था और रिवॉल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी दी थी। राजकोट पुलिस ने इस संदेश को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की और उदयभाई को सूरत से ढूंढ निकाला। पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर आत्महत्या से रोका और तत्पश्चात आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। परिणामस्वरूप करीब 5 करोड़ रुपये के बाजार मूल्य वाली 18 बीघा जमीन उदयभाई को वापस दिलाकर न्याय सुनिश्चित किया गया। कार्यक्रम के दौरान दो अन्य महत्वपूर्ण मामलों में भी पीड़ितों को राहत मिली। रोनकभाई से छीनी गई लगभग 8 लाख रुपये मूल्य की मर्सिडीज कार और एक्टिवा पुलिस द्वारा वापस कराई गई। वहीं, अजयभाई का सूदखोरों द्वारा हड़पा गया मकान भी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें सौंप दिया गया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी आम नागरिक को सूदखोरों द्वारा परेशान किया जाना बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार और पुलिस निर्दोष नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ी है। पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से स्थानीय लोगों में सुरक्षा और न्याय के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। सतीश/07 जनवरी