मॉस्को (ईएमएस)। ब्रिटेन के उत्तर में समुद्र में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। प्रतिबंधित तेल टैंकर ‘मैरिनेरा’ को जब्त करने के लिए अमेरिका द्वारा एक विशेष सैन्य ऑपरेशन शुरू किए जाने की खबर सामने आई है। रूसी सरकारी समाचार एजेंसी ने ऐसे दृश्य जारी किए हैं, जिनमें एक अमेरिकी ‘लिटिल बर्ड’ स्पेशल ऑपरेशंस हेलिकॉप्टर टैंकर के बेहद करीब उड़ान भरता दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘मैरिनेरा’ टैंकर रूस की कुख्यात ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा माना जाता है, जिसका इस्तेमाल पश्चिमी प्रतिबंधों को चकमा देकर ईरान और वेनेजुएला जैसे देशों का तेल ढोने में किया जाता है। अमेरिका लंबे समय से ऐसे टैंकरों को वैश्विक सुरक्षा और प्रतिबंध व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बता रहा है। जारी तस्वीरों और वीडियो में हेलिकॉप्टर से जहाज पर निगरानी या संभावित बोर्डिंग की तैयारी के संकेत मिलते हैं। हालांकि अमेरिका या ब्रिटेन की ओर से अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मॉस्को पहले ही साफ कर चुका है कि रूसी हितों से जुड़े या रूसी झंडे वाले जहाजों पर किसी भी तरह की कार्रवाई को उकसावे की कार्रवाई माना जाएगा। रूस की नौसेना की गतिविधियां भी इस क्षेत्र में बढ़ी हुई बताई जा रही हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब यूक्रेन युद्ध, वेनेजुएला संकट और वैश्विक तेल आपूर्ति पहले से ही अस्थिर है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर समुद्र में एक भी गोली चली, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। ब्रिटिश मीडिया में आई एक सनसनीखेज रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका ने ब्रिटेन के नज़दीक एक संदिग्ध ‘शैडो फ्लीट’ तेल टैंकर पर साहसिक कार्रवाई की है। रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम रूस के साथ संभावित टकराव की स्थिति पैदा कर सकता है, जिससे यूरोप में सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, यह टैंकर पहले वेनेजुएला और ईरान से तेल ढो चुका है और अमेरिका की सख्त निगरानी से बचने के लिए उसने रूसी झंडा (री-फ्लैगिंग) अपना लिया। इसी वजह से अमेरिका के लिए इसे रोकना कानूनी और कूटनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील हो गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस ने इस टैंकर की सुरक्षा के लिए नौसैनिक जहाज और पनडुब्बी तैनात कर दी है। मॉस्को ने चेतावनी दी है कि रूसी झंडे वाले जहाज पर किसी भी तरह की कार्रवाई को सीधी उकसावे वाली हरकत माना जाएगा। अमेरिका ने ब्रिटेन में अपने सैन्य ठिकानों पर निगरानी विमान और विशेष समुद्री बल तैनात किए हैं। हालांकि अब तक किसी आधिकारिक सैन्य हमले या छापेमारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि एक छोटी घटना भी बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट में बदल सकती है। सुबोध/०७-०१-२०२६