क्षेत्रीय
08-Jan-2026
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- फंड के अभाव में ठेकेदारों ने हाथ खड़े कर दिए कोरबा (ईएमएस) हर घर नल-हर घर जल के संकल्प के साथ शुरू की गयी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी योजना जल जीवन मिशन आकांक्षी जिला कोरबा में गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहा है। जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा सिंगल विलेज स्कीम और मल्टी विलेज स्कीम की लगभग 150 करोड़ रुपए की राशि पिछले 7 माह से जारी नहीं किए जाने के कारण जिले में योजना की रफ्तार लगभग थम गई है। फंड के अभाव में ठेकेदारों ने शेष कार्य आगे बढ़ाने से हाथ खड़े कर दिए हैं, जिससे योजना का लक्ष्य एक वर्ष और आगे खिसक गया है। जिले के 703 ग्रामो में से अब तक केवल 107 ग्रामो में ही जल जीवन मिशन के तहत नियमित जलापूर्ति शुरू हो सकी है, जबकि शेष ग्राम आज भी शुद्ध पेयजल के इंतजार में हैं। इससे सरकार के ‘हर घर जल’ के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा हैं की कटघोरा, पाली और पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के 245 ग्रामो और लगभग 3 लाख आबादी को जलापूर्ति के लिए स्वीकृत एतमानगर समूह जलप्रदाय योजना की प्रगति भी पिछले सात माह से बेहद धीमी है। अनुबंध के अनुसार यह योजना 27 फरवरी 2025 तक पूरी होनी थी, लेकिन अब तक केवल 60 फीसदी कार्य ही पूरा हो पाया है। शनिवार को योजना का औचक निरीक्षण करने पहुंचे नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने निर्माण कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए पीएचई विभाग के ईई को संबंधित निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जानकारी देते हुए बताया जा रहा हैं की योजना के तहत 28.5 एमएलडी क्षमता का जल शुद्धिकरण संयंत्र, 8 एमबीआर तथा करीब 7 लाख 75 हजार मीटर ओपीवीसी और डीआई पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिसके माध्यम से 245 ग्रामो में जलापूर्ति की जानी है। जल जीवन मिशन के तहत कोरबा जिले में 458 ग्रामो में सिंगल विलेज स्कीम स्वीकृत है। इनमें से महज 107 ग्रामो में ही सतत जलापूर्ति शुरू हो सकी है, जबकि 351 ग्रामो में योजना अब भी अधूरी पड़ी है। इन ग्रामो में ग्रामीणों को मिशन से अब तक एक बूंद पानी भी नसीब नहीं हुआ है। इस तरह देखा जाए तो सिंगल विलेज स्कीम के तहत केवल 23 फीसदी ग्रामो तक ही योजना का लाभ पहुंच पाया है। हालांकि जिन ग्रामो में जलापूर्ति शुरू होने का दावा किया जा रहा है, वहां भी फाइनल भुगतान नहीं हो पाने के कारण पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा सके हैं। इससे निर्माण एजेंसियों की 5 फीसदी सुरक्षा निधि भी अटकी हुई है। जिला कार्यालय में सिंगल विलेज स्कीम के लगभग 30 करोड़ रुपए और मल्टी विलेज स्कीम के करीब 115 करोड़ रुपए के बिल भुगतान लंबित हैं। कुल मिलाकर जिले में जल जीवन मिशन को गति देने के लिए करीब 150 करोड़ रुपए के तत्काल भुगतान की जरूरत है। फिलहाल एजेंसियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द फंड जारी कर योजना को पटरी पर लाएगी और कोरबा के ग्रामो तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का सपना साकार होगा। 08 जनवरी / मित्तल