राज्य
08-Jan-2026
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कहा- मप्र के हथकरघा और सिल्क को मिलेगा मार्केट भोपाल (ईएमएस) ।मध्य प्रदेश के हथकरघा, सिल्क और पारंपरिक वस्त्रों को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने का रास्ता खुल सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुवाहाटी में गुरुवार को आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन में कहा कि मध्य प्रदेश सरकार वस्त्र उद्योग को रोजगारपरक औद्योगिक विकास की धुरी मानते हुए आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में उन्होंने प्रस्ताव रखा कि अगला राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आयोजित किया जाए, ताकि प्रदेश की टैक्सटाइल विरासत और निवेश संभावनाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वस्त्र उद्योग विरासत के संरक्षण के साथ आधुनिक तकनीक और नवाचार की ओर अग्रसर है। मध्य प्रदेश में हैंडलूम, हैंडिक्रॉफ्ट, सिल्क और ऑर्गेनिक कॉटन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम हो रहा है। सरकार का फोकस इन उत्पादों को सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित रखने का नहीं, बल्कि ग्लोबल मार्केट से जोडऩे का है। सीएम डॉ.मोहन यादव ने कहा कि महेश्वरी और चंदेरी साड़ी जैसी परंपरागत पहचान मध्य प्रदेश की ताकत हैं। नर्मदापुरम के उच्च गुणवत्ता वाले मलबरी रेशम और ऑर्गेनिक कॉटन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। टेक्सटाइल मिल, हैंडलूम और स्पिंडल्स के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार से जोडक़र उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। खरगोन और बुधनी जैसे जनजातीय बहुल क्षेत्रों में भी टेक्सटाइल सेक्टर को विस्तार देने पर जोर है। पीएम मित्र पार्क में 25 हजार करोड़ का निवेश आया मुख्यमंत्री ने धार में बन रहे देश के पहले पीएम मित्र पार्क का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पार्क टेक्सटाइल उद्योग की पूरी वैल्यू चेन को एक मंच पर लाएगा। यहां उद्योगों के एक साथ लोकार्पण से निवेश और रोजगार—दोनों को नई गति मिलेगी। बीते डेढ़ दशक में टेक्सटाइल सेक्टर की वैल्यू चेन के जरिए प्रदेश में 25 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आया है, जिससे आने वाले वर्षों में लाखों रोजगार सृजित होने की संभावना है। जुलाई में होगी नेशनल टेक्सटाइल्स कॉन्फ्रेंस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जुलाई 2026 में भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन में मध्य प्रदेश सरकार भागीदार बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने केंद्रीय वस्त्र मंत्री से आग्रह किया कि अगला सम्मेलन उज्जैन में आयोजित किया जाए ताकि प्रदेश की टेक्सटाइल क्षमता, निवेश अवसर और सांस्कृतिक विरासत को देशभर के उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं के सामने रखा जा सके। धार का पीएम मित्र पार्क बन सकता है मॉडल सम्मेलन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने मध्य प्रदेश में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में हो रही पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि धार में पीएम मित्र पार्क का काम तेज गति से हो रहा है, जो अन्य राज्यों के लिए मॉडल बन सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि के बाद टेक्सटाइल सेक्टर देश में सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है और पीएम मित्र पार्कों के जरिए एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश संभावित है। दो दिवसीय सम्मेलन में पारंपरिक हथकरघा और हस्तशिल्प से लेकर आधुनिक टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट्स, टेक्निकल टेक्सटाइल और निर्यात संभावनाओं पर मंथन हुआ। साथ ही मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और रोजगार सृजन को लेकर राज्यों के बीच सहयोगात्मक मॉडल पर भी चर्चा की गई। सम्मेलन के जरिए मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय मंच पर टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और कदम बढ़ा है।