क्षेत्रीय
08-Jan-2026
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० राजनीतिक रसूख बचाने न्यायालय की शरण में सांसद बृजमोहन अग्रवाल रायपुर (ईएमएस)। पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद रायपुर लोकसभा विकास उपाध्याय ने कहा है कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल को स्काउट-गाइड अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद अपनी राजनीतिक हैसियत बचाने के लिए अपनी ही सरकार के खिलाफ न्यायालय की शरण लेनी पड़ रही है, जो उनकी राजनीतिक असहायता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। श्री उपाध्याय ने कहा कि पूरे घटनाक्रम से यह प्रतीत होता है कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल अपनी ही सरकार में पूरी तरह असहाय और हाशिए पर दिखाई दे रहे हैं। जिस तरह से वे लगातार किसी न किसी मांग को लेकर सरकार के समक्ष गुहार लगाते नजर आते हैं, उससे तो ऐसा लगता है कि वे भारतीय जनता पार्टी के सांसद नहीं बल्कि किसी विपक्षी दल के नेता हों। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ नेता और सांसद को स्काउट-गाइड जैसे पद से हटाया जाना भाजपा के भीतर गहरी अंतर्कलह को उजागर करता है। यह बात विपक्ष नहीं, बल्कि स्वयं बृजमोहन अग्रवाल न्यायालय जाकर स्वीकार कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। श्री उपाध्याय ने कहा कि यदि भाजपा में सब कुछ ठीक होता तो किसी सांसद को अपने सम्मान और पद के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की नौबत नहीं आती। यह घटना स्पष्ट करती है कि भाजपा के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है और आंतरिक कलह अब सार्वजनिक हो चुकी है। सत्यप्रकाश /चंद्राकर/08 जनवरी 2026