नई दिल्ली (ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ धाम के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत महत्व को रेखांकित करते हुए कहा है कि यह पवित्र स्थल सदियों से भारतीय चेतना को जागृत करता आ रहा है और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आस्था, साहस और आत्म-सम्मान का स्थायी स्रोत बना रहेगा। 11 जनवरी को अपनी प्रस्तावित सोमनाथ यात्रा से पहले प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश साझा कर मंदिर की गौरवशाली विरासत और उसके प्रेरणादायी प्रभाव पर विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि पावन और पुनीत सोमनाथ धाम की भव्य विरासत युगों से जन-जन की चेतना को आलोकित करती रही है। यहां से प्रवाहित होने वाली दिव्य ऊर्जा युगों-युगों तक आस्था, साहस और स्वाभिमान का दीप प्रज्वलित करती रहेगी। उन्होंने सोमनाथ को केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारतीय आत्मा और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक बताया। अपने संदेश को और अधिक भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान शिव से सोमनाथ के गहरे संबंध को दर्शाने वाला एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया। इस श्लोक में सोमनाथ को एक पवित्र और अत्यंत शक्तिशाली क्षेत्र के रूप में वर्णित किया गया है, जहां दिव्य प्रकाश से आलोकित वातावरण में मनुष्य को आध्यात्मिक पूर्णता, पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है। प्रधानमंत्री ने इसके माध्यम से यह संदेश दिया कि सोमनाथ केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज भी आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। इससे एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर की अपनी पिछली यात्राओं को भी याद किया और इतिहास के कठिन दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि बार-बार हुए हमलों के बावजूद इस पवित्र धाम की आस्था और आत्मबल कभी कमजोर नहीं पड़ा। उन्होंने जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले बड़े हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इसके बाद भी कई आक्रमण हुए, लेकिन इन घटनाओं ने भारतीय समाज के आध्यात्मिक संकल्प को तोड़ने के बजाय और अधिक मजबूत किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन हमलों के बावजूद सोमनाथ मंदिर को बार-बार पुनर्जीवित और पुनर्निर्मित किया गया, जो भारत की सांस्कृतिक एकता, सहनशीलता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आज से शुरू हो रहा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व इसी अटूट भावना का उत्सव है, जो एक हजार वर्ष पहले हुए पहले हमले की स्मृति के साथ भारत की सांस्कृतिक दृढ़ता का संदेश देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पिछली सोमनाथ यात्राओं की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं और लोगों से आग्रह किया कि यदि वे भी सोमनाथ गए हों, तो अपनी यादों और तस्वीरों को साझा करें। उन्होंने कहा कि सोमनाथ धाम न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह भारत के गौरव, स्वाभिमान और सांस्कृतिक निरंतरता की जीवंत मिसाल भी है, जो हर युग में देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा। डेविड/ईएमएस 09 जनवरी2026