- चैंबरों से निकाली गाद तुरंत हटाने के निर्देश, बोरिंग की होगी जियो-टैगिंग इन्दौर (ईएमएस)। भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित बीमारियों के प्रकोप के बाद नगर निगम प्रशासन अलर्ट मोड पर है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने गुरुवार सुबह 6:30 बजे ही क्षेत्र का मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने भागीरथपुरा पानी की टंकी परिसर में बीट टीम के कार्यों की समीक्षा की और फिर प्रभावित गलियों का पैदल भ्रमण कर ड्रेनेज व जल प्रदाय व्यवस्था का जायजा लिया। आयुक्त ने फारसी वाली गली, नव अंकुर स्कूल की गली और तेजाजी मंदिर वाली गली सहित आसपास के सघन क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने ड्रेनेज लाइन की सफाई और चैंबरों के लीकेज सुधार कार्य को देखा। सिंघल ने सख्त निर्देश दिए कि चैंबरों की सफाई में कोई कोताही न बरती जाए और चैंबर से निकाली गई गाद को सड़कों पर छोड़ने के बजाय तत्काल वहां से उठाया जाए। - रहवासियों से संवाद : उबालकर पिएं पानी :: निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने क्षेत्रीय रहवासियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने पूछा कि जल प्रदाय और सफाई व्यवस्था कैसी है। उन्होंने लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए समझाइश दी कि टैंकरों से मिलने वाले पानी को अनिवार्य रूप से उबालकर ही पिएं। - बोरिंग की होगी डिजिटल निगरानी :: क्षेत्र में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर आयुक्त ने अधिकारियों से बोरिंग के जरिए हो रहे जल प्रदाय की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्र की सभी बोरिंग की जियो-टैगिंग कराई जाए। इससे जल वितरण व्यवस्था की प्रभावी और डिजिटल निगरानी सुनिश्चित हो सकेगी। निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त सहित निगम की गठित विशेष बीट टीम के सदस्य भी उपस्थित रहे। प्रकाश/8 जनवरी 2026