क्षेत्रीय
09-Jan-2026
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- बयान वापस ले, नहीं तो मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे जबलपुर(ईएमएस)। जनसंगठनों ने महापौर से मुलाकात कर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय द्वारा नर्मदा नदी में नालों के गंदे पानी मिलने के दिए गए बयान का विरोध किया हैं| जनसंगठनों ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश 2 दिसंबर 2024 का हवाला देते हुए कहा है कि गौरीघाट और भेड़ाघाट में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) 100 प्रतिशत काम कर रहे हैं, ऐसे में दिग्विजय का बयान गलत है। जनसंगठनों ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नेता तथा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को समूची जानकारी लेकर वक्तव्य जारी करना था, क्योंकि ऐसे वक्तव्य से जबलपुर के नागरिकों में घबराहट पैदा हो सकती है। जनसंगठनों ने घोषणा की है कि दिग्विजय सिंह अपने वक्तव्य का खण्डन करें, यदि इस वक्तव्य को वापिस नहीं लिया जायेगा तो मजबूरन जबलपुर की अस्मिता का संरक्षण करने हेतु दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि का दावा दायर किया जायेगा। नदियों के किनारों से डेयरियां हटाई जायें........... जनसंगठनों ने मांग की कि परियट, गौर, तथा नर्मदा के किनारे स्थापित डेयरियो को हटाने हेतु जल्द से जल्द अभियान छेड़ा जायें, क्योंकि इससे नर्मदा का जल दूषित हो रहा है। महापौर जगत बहादुर सिंह ने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर वे जल्द से जल्द कलेक्टर जबलपुर से चर्चा कर डेयरियों को हटाने हेतु कार्यक्रम तय करेंगे। संक्रति मेला में प्रदूषण न हो.......... प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इस संबंध में पत्र के अनुसार महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कर्मचारियों एवं अधिकारियों को निर्देश जारी किये। चर्चा में डॉ.पी.जी. नाजपांडे, टी.के. रायघटक, डी. के. सिंह, संतोष श्रीवास्तव, डी. आर. लखेरा, के.सी. सोनी, सुशीला कनौजिया, एस.के. नामदेव, दिलीप कुंडे, लखन लाल प्रजापति, रमाकांत कटियार, एच.एल. भोंगड़े, पी.एस. राजपूत, अर्जुन कुमार तथा राममिलन शर्मा आदि उपस्थित थे। सुनील साहू / मोनिका / 09 जनवरी 2026/ 4.02