नई दिल्ली (ईएमएस)। जहां गर्मियों में तेज धूप से बचने को कहा जाता है, वहीं सर्दियों में सुबह की हल्की धूप शरीर के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। खासतौर पर विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए सूरज की रोशनी को सबसे प्राकृतिक और प्रभावी स्रोत माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम शरीर को बैक्टीरिया, वायरस और अन्य रोगों से बचाने का काम करता है। जब कोई संक्रमण शरीर में प्रवेश करता है, तो यही प्रणाली एंटीबॉडी बनाकर उससे लड़ती है। इस इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में विटामिन डी की अहम भूमिका होती है, और शरीर को मिलने वाला लगभग 90 प्रतिशत विटामिन डी सूरज की रोशनी से ही प्राप्त होता है। सर्दियों में सुबह थोड़ी जल्दी उठकर 10 से 20 मिनट तक धूप में बैठना इस कमी को दूर करने में काफी मददगार हो सकता है। धूप के संपर्क में आने से शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड का स्राव होता है, जो रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है। कुछ अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि लगभग 20 मिनट तक धूप लेने के बाद एक घंटे तक ब्लड प्रेशर का स्तर कम रह सकता है। इसके अलावा, धूप मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को भी धीरे करने में मदद कर सकती है। सूरज की रोशनी का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक होता है। विटामिन डी को अवसादरोधी प्रभाव वाला माना जाता है, जिससे मूड बेहतर होता है और तनाव कम महसूस होता है। रोजाना 15 मिनट धूप में रहने से शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन का संतुलन बनता है, जो नींद और बॉडी क्लॉक को नियंत्रित करता है। इससे रात में अच्छी नींद आने में मदद मिलती है। धूप लेने का सबसे सही समय सुबह 9 से 10 बजे के बीच माना जाता है, क्योंकि इस दौरान किरणें तेज नहीं होतीं और त्वचा को नुकसान पहुंचने का खतरा कम रहता है। सर्दियों में चाहें तो हल्की दोपहर की धूप भी ली जा सकती है, लेकिन ध्यान रखना जरूरी है कि त्वचा झुलसे नहीं। बेहतर होगा कि सीधे चेहरे की बजाय पीठ की तरफ से धूप लें, ताकि त्वचा का कालापन न बढ़े। सही समय और संतुलन के साथ ली गई धूप सर्दियों में सेहत के लिए किसी प्राकृतिक औषधि से कम नहीं है। बता दें कि सर्दियों का मौसम आते ही शरीर पर इसका असर साफ नजर आने लगता है। ठंड के कारण सुस्ती, जोड़ों में दर्द, बार-बार बीमार पड़ना और थकान जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में विशेषज्ञ बदलते मौसम के अनुसार दिनचर्या और जीवनशैली में कुछ जरूरी बदलाव करने की सलाह देते हैं। सुदामा/ईएमएस 10 जनवरी 2026