10-Jan-2026
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मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को जानकारी दी नई दिल्ली (ईएमएस)। कतर में रह रहे पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया गया है, जिससे उनकी स्वदेश वापसी की उम्मीदों को एक बड़ा झटका लगा है। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें दिसंबर महीने में कतर की एक अदालत के फैसले के बाद हिरासत में लिया गया। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को जानकारी दी कि तिवारी को एक ऐसे पुराने कानूनी मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है जो कतर में काफी समय से विचाराधीन था। इस मामले में कुछ अन्य व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया गया है, हालांकि वे भारतीय नागरिक नहीं हैं। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि कतर स्थित भारतीय दूतावास कमांडर तिवारी और उनके परिवार के साथ निरंतर संपर्क में है, लेकिन चूंकि मामला न्यायालय के विचाराधीन है, इसलिए इस पर विस्तृत टिप्पणी करना फिलहाल संभव नहीं है। कमांडर पूर्णेंदु तिवारी उन आठ पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारियों के समूह का हिस्सा थे, जिन्हें अगस्त 2022 में कतर की खुफिया एजेंसी ने पहली बार गिरफ्तार किया था। ये सभी अधिकारी कतर की एक निजी कंपनी, दाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज में कार्यरत थे, जो वहां की नौसेना को प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान करती थी। उस समय कतर के अधिकारियों ने इनके खिलाफ लगे आरोपों को आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया था, हालांकि अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में उन पर जासूसी के गंभीर आरोप लगने की बात कही गई थी। इन आरोपों को भारत सरकार ने कभी आधिकारिक मान्यता नहीं दी और अपने नागरिकों की रिहाई के लिए हर संभव कूटनीतिक प्रयास जारी रखे। इस मामले ने अक्टूबर 2023 में तब तूल पकड़ा जब कतर की एक स्थानीय अदालत ने इन आठों भारतीयों को मौत की सजा सुना दी थी। भारत सरकार ने इस फैसले पर तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे अत्यधिक चौंकाने वाला करार दिया था और कानूनी विशेषज्ञों के माध्यम से इस आदेश को चुनौती दी थी। भारत के उच्च-स्तरीय कूटनीतिक हस्तक्षेप और प्रधानमंत्री स्तर की वार्ताओं के बाद, फरवरी 2024 में एक बड़ी सफलता मिली जब कतर ने सभी आठों पूर्व अधिकारियों को रिहा कर दिया। इस रिहाई के तुरंत बाद सात अधिकारी भारत लौट आए थे, जिससे उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। हालांकि, उस समय भी कमांडर पूर्णेंदु तिवारी की वापसी संभव नहीं हो पाई थी क्योंकि कतर सरकार ने उन्हें देश छोड़ने की अनुमति नहीं दी थी। उन पर लगे कुछ विशिष्ट आरोपों के कारण उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को समाप्त नहीं किया गया था। मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी तिवारी के परिवार के लिए यह स्थिति अत्यंत पीड़ादायक बनी हुई है। उनकी बहन ने कई बार सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से गुहार लगाई है कि उनके भाई को मानवीय आधार पर जल्द से जल्द वापस लाया जाए। वर्तमान में भारत सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह अपने नागरिक को हर संभव कानूनी सहायता प्रदान कर रही है और कतर स्थित भारतीय दूतावास इस संवेदनशील मामले पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। वीरेंद्र/ईएमएस/10जनवरी2026 -----------------------------------