राज्य
10-Jan-2026
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- कोर्ट ने जमानत खारिज कर 22 जनवरी तक जेल भेजा जांजगीर-चांपा(ईएमएस)। जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू पर एक किसान से 42 लाख 78 हजार रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप साबित होता नजर आ रहा है। पुलिस ने 9 जनवरी को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रवीण मिश्रा ने विधायक की जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें 22 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मामले के अनुसार, विधायक बालेश्वर साहू ने अपने सहयोगी गौतम राठौर के साथ मिलकर सरवानी गांव निवासी किसान राजकुमार शर्मा (46) के नाम पर किसान क्रेडिट कार्ड से करीब 42 लाख रुपये का लोन पास कराया। इसके बाद किसान से 10 ब्लैंक चेक ले लिए गए। इन्हीं चेकों का इस्तेमाल कर फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा लगाकर अलग-अलग किस्तों में 42 लाख 78 हजार रुपये निकाल लिए गए। जांच में पता चला कि वर्ष 2015 से 2020 तक बालेश्वर साहू बम्हनीडीह सहकारी बैंक में मैनेजर थे, जबकि गौतम राठौर उसी बैंक में विक्रेता था। दोनों ने मिलकर किसान को लोन दिलाने का झांसा दिया और बहाने से ब्लैंक चेक अपने पास रख लिए। साथ ही एचडीएफसी बैंक में दो नए खाते भी खुलवाए गए, जिनके जरिए रकम की हेराफेरी की गई। पहली निकासी 15 जनवरी 2015 को 51 हजार रुपये की गई थी। इसके बाद रकम बढ़ती गई। आरोप है कि विधायक ने 7.5 लाख रुपये अपनी पत्नी आशा साहू के खाते में भी ट्रांसफर कराए। किसान राजकुमार शर्मा को धोखाधड़ी की जानकारी वर्ष 2020 में तब हुई, जब एचडीएफसी बैंक चांपा से फोन कर पूछा गया कि क्या उन्होंने बालेश्वर साहू को पैसे निकालने की अनुमति दी है। किसान ने बैंक से पूरे लेन-देन की जानकारी निकाली और विधायक से संपर्क किया। उस समय साहू ने छह महीने में ब्याज समेत पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन पैसा नहीं लौटाया गया। बाद में गौतम राठौर ने इसे चुनावी खर्च बताया और दोनों ने टालमटोल शुरू कर दिया। आखिरकार पीड़ित ने 14 अगस्त 2025 को चांपा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गंभीरता से जांच की और शिकायतकर्ता, उसकी पत्नी-मां, बैंक कर्मचारियों एवं अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच में 24 जनवरी 2020 की एक निकासी पर्ची में विधायक का मोबाइल नंबर मिला, जिससे साफ हुआ कि निकासी उनके निर्देश पर हुई थी। सभी साक्ष्यों के आधार पर चांपा पुलिस ने 3 अक्टूबर 2025 को बालेश्वर साहू और गौतम राठौर के खिलाफ धारा 420, 468, 467 और 34 के तहत एफआईआर दर्ज की। गिरफ्तारी से बचने के लिए विधायक ने हाईकोर्ट का रुख किया था, जहां 4 नवंबर 2025 को जांच में सहयोग की शर्त पर अंतरिम राहत मिली थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने 7 जनवरी 2026 को नोटिस जारी कर विधायक को 9 जनवरी को कोर्ट में पेश होने को कहा। कोर्ट में पेशी के दौरान जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। फिलहाल विधायक जेल में हैं, जबकि उनके सहयोगी गौतम राठौर जमानत पर बाहर हैं। सत्यप्रकाश(ईएमएस)10 जनवरी 2026