:: आरोपी नर्स निलंबित, तीन सीनियर नर्सों का वेतन कटा; सर्जरी के बाद जोड़ा गया बच्चे का अंगूठा :: इंदौर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महाराजा यशवंतराव (एमवाय) में मानवीय लापरवाही का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में तैनात एक नर्स ने डेढ़ महीने के मासूम बच्चे के हाथ से आईवी कैनुला हटाते समय कैंची से उसका अंगूठा काट दिया। घटना के बाद प्रशासन ने आरोपी नर्स को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एमवाय अस्पताल के डीन डॉ. अरविंद गांगोरिया ने शनिवार को बताया कि यह घटना बीते बुधवार की है। डेढ़ माह के इस बालक को गंभीर निमोनिया की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थिति चिंताजनक होने के कारण उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। उपचार के बाद बच्चा रिकवर कर रहा था और उसे वेंटिलेटर से हटा लिया गया था। इसी दौरान कैनुला निकालते समय यह हादसा हुआ। डॉ. गांगोरिया के अनुसार, लापरवाही बरतने वाली नर्स को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, पर्यवेक्षण में चूक के लिए तीन वरिष्ठ नर्सों पर भी कार्रवाई की गई है, जिनका एक महीने का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है, जिसमें बाल रोग विशेषज्ञ और नर्सिंग अधीक्षक शामिल हैं। :: सर्जरी से जोड़ा गया अंगूठा :: अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि घटना के तुरंत बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन कर मासूम के कटे हुए अंगूठे को सफलतापूर्वक वापस जोड़ दिया है। फिलहाल बच्चा डॉक्टरों की निगरानी में है और उसकी स्थिति ठीक बताई जा रही है। :: जांच कमेटी गठित, डिप्टी सीएम ने लिया संज्ञान :: मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अस्पताल प्रबंधन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अस्पताल अधीक्षक अशोक यादव के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है, जिसमें बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निर्भय मेहता और डिप्टी सुप्रीटेंडेंट डॉ. रोहित बडेरिया शामिल हैं। समिति ने नर्सिंग स्टाफ के बयान दर्ज करना शुरू कर दिए हैं। :: विवादों में रहा है अस्पताल :: उल्लेखनीय है कि एमवाय अस्पताल पहले भी विवादों में रहा है। कुछ माह पूर्व चूहों के काटने से दो नवजातों की मौत की खबरों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। हालांकि, डीन डॉ. गांगोरिया का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उन मौतों का कारण समय से पहले जन्म (प्री-मैच्योरिटी) और शारीरिक जटिलताएं बताया गया था। प्रकाश/10 जनवरी 2026