तेलअवीव,(ईएमएस)। मध्य-पूर्व में तनाव फिर बढ़ा है, जब ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्तक्षेप की धमकी दी। ट्रंप के रुख के बाद ईरान ने करारा जवाब देने की चेतावनी दी है। इससे वैश्विक स्तर पर युद्ध की आशंका बढ़ गई है। इस बीच, इजरायल ने संभावित जंग की तैयारियों को तेज किया है। इजरायली सेना (आईडीएफ) ने कहा कि वह किसी भी स्थिति के लिए अलर्ट है। आईडीएफ के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि ईरान में विरोध प्रदर्शन भले ही आंतरिक मामला है, लेकिन सेना रक्षात्मक तौर पर पूरी तरह तैयार है और स्थिति का लगातार आकलन कर रही है। इजरायली अधिकारियों का मानना है कि ट्रंप अपनी धमकियों को अमल में लाएंगे, जिससे ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष की संभावना बढ़ गई है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वरिष्ठ मंत्रियों और सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की। ट्रंप ने पहले भी कई बार ईरान में हस्तक्षेप की चेतावनी दी है। वाइट हाउस सूत्रों के अनुसार, ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान पर संभावित कदमों पर विचार कर रही है, जिसमें साइबर हमले और अमेरिका या इजरायल द्वारा सैन्य कार्रवाई शामिल है। ट्रंप ने कहा कि उनकी चेतावनी के बाद ईरान सरकार अब उनसे बातचीत करना चाहती है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने विदेशी राजनयिकों से कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन में हुई हिंसा और मौतें अमेरिकी हस्तक्षेप का बहाना बनाने के लिए की गईं, और ईरान कूटनीति का स्वागत करता है। हालांकि, ईरान में सोमवार को सरकार विरोधी प्रदर्शन में लाखों लोग सड़कों पर उतरे। मानवाधिकार समूहों के अनुसार, अब तक करीब 600 लोग हिंसा में मारे गए। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित वीडियो में प्रदर्शनकारी ‘अमेरिका मुर्दाबाद’, ‘इजराइल मुर्दाबाद’ और ‘अल्लाह के दुश्मनों का अंत हो’ जैसे नारे लगाते दिखे। आशीष/ईएमएस 15 जनवरी 2026