-आई-पेक रेड मामले में बंगाल सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस नई दिल्ली,(ईएमएस)। आई-पेक रेड मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पश्चिम बंगाल का राजनीतिक गलियारा पूरी तरह से गरमा गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगाए जाने और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा विधायक अग्रिमित्रा पॉल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अच्छा सबक सिखाया है और उनकी झूठ की राजनीति अब उजागर हो चुकी है। बीजेपी विधायक पॉल ने आरोप लगाया, कि पिछले 15 वर्षों से टीएमसी सरकार और उससे पहले वाम दलों की सरकार ने रोहिंग्या, बांग्लादेशी घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं के सहारे चुनाव जीते। उन्होंने दावा किया कि इस बार पश्चिम बंगाल में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। पॉल के मुताबिक अब तक करीब 58 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं और आगे भी यह प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंची है और अब सच्चाई जनता के सामने आ रही है। दरअसल, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने आई-पेक रेड मामले में बड़ा आदेश देते हुए ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगा दी। इसके साथ ही कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और संबंधित पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट का कहना है कि कानून के शासन को बनाए रखने और केंद्रीय एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने देने के लिए इस मामले की जांच जरूरी है। ममता खुद भी चुनाव हारने वाली हैं: शहनवाज भाजपा नेता सैयद शहनवाज हुसैन ने भी सीएम ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को खुद पता है कि वह 2026 के विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हारने वाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह राहुल गांधी और तेजस्वी यादव वोट चोरी का मुद्दा उठाकर माहौल बनाते रहे हैं, उसी तरह ममता बनर्जी भी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध कर रही हैं। शहनवाज हुसैन ने दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की हार तय है और पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत होगी। हिदायत/ईएमएस 16जनवरी26