, मुख्य सचिव ने कहा सभी मौतें दूषित पानी से नहीं, अगली तारीख 20 जनवरी इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला एवं जस्टिस आलोक अवस्थी की युगल पीठ के समक्ष भागीरथपुरा में इन्दौर नगर निगम द्वारा सप्लाई दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्य सचिव अनुराग जैन वर्चुअल उपस्थित हुए और उन्होंने कोर्ट को बताया कि हमने हाई कोर्ट के सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया है। भागीरथपुरा में अभी भी टैंकर से पानी सप्लाई हो रहा है और पाइप लाइन बदली जा रही है। जितने भी लीकेज थे, उन्हें बंद कर दिया गया है। क्षेत्र में हुई मौतों को लेकर मुख्य सचिव ने कहा कि सभी मौतें दूषित पानी से नहीं हुईं, कुछ पहले से बीमार थे, फिर भी सरकार ने मानवीयता दिखाते हुए सभी को 2-2 लाख रुपए दिए हैं। मामले में जिम्मेदारों को निलंबित करने के साथ ही अस्पताल में भर्ती सभी लोगों का फ्री इलाज किया जा रहा है। जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें कई कोमोरबिड (दूसरी बीमारियां) थे। सीएस के जवाब पर आपत्ति लेते हुए याचिकाकर्ताओं ने कहा कि सरकार पालन-प्रतिवेदन रिपोर्ट पेश कर चुकी है, लेकिन किसी को उसकी प्रति नहीं दी गई। हाईकोर्ट ने प्रति देने के निर्देश दिए। सुनवाई दौरान जब हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने पूछा कि कितनी मौतें हुईं हैं? इस पर अतिरिक्त महाधिवक्ता ने पहले 21 कहा, फिर पलटते हुए 15 बता दिया। याचिकाकर्ता वरुण गायकवाड़ के एडवोकेट ऋषि आनंद चौकसे के अनुसार सुनवाई दौरान शासन की ओर से बताया कि कुल मौत 23 हुई हैं। जिनमें से 15 की पुष्टि दूषित पानी से हुई है। 8 लोगों की मौतों के दूसरे कारण भी हो सकते हैं। उन्हें दूसरी बीमारियां भी थी। कोर्ट ने अगली तारीख 20 जनवरी विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के लिए नियत करते उस पर भी मुख्य सचिव को वर्चुअल उपस्थित होने को कहा है। अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट अजय बागड़िया, मनीष यादव, रितेश इनानी ने पैरवी की। शासन की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह भी वीसी के जरिए जुड़े थे। आनन्द पुरोहित/ 16 जनवरी 2026