-लोगों ने प्रशासन से दोषियों की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की ढाका,(ईएमएस)। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों लगातार हमले जारी है। ताजा मामला सिलहट जिला के गोवाइनघाट इलाके से सामने आया है, जहां एक हिंदू शिक्षक के घर को आग के हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक बहोर गांव में रहने वाले शिक्षक बिरेंद्र कुमार डे के घर पर देर रात उपद्रवियों ने हमला किया। हमलावरों ने घर में आग लगा दी, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा। गनीमत रही कि घटना के वक्त परिवार के सदस्य बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहला हमला नहीं है। इससे पहले भी बिरेंद्र कुमार डे के घर को निशाना बनाया जा चुका है। बार-बार हो रहे हमलों से लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दोषियों की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, अब तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब बीते कुछ दिनों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय से जुड़ी कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। 11 जनवरी को फेनी जिले के डागनभुइयां इलाके में समीर कुमार दास की हत्या कर दी गई। पुलिस को शक है कि हत्या लूट के इरादे से की गई, लेकिन अन्य पहलुओं की भी जांच चल रही है। 12 जनवरी को अवामी लीग से जुड़े संगीतकार और सांस्कृतिक कार्यकर्ता प्रोलय चाकी की जेल में मौत की खबर आई। परिवार ने आरोप लगाया कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे चाकी को समय पर इलाज नहीं दिया और हिरासत में उनके साथ बदसलूकी की गई। इन घटनाओं ने बांग्लादेश के हिंदू समुदाय में गहरी चिंता पैदा कर दी है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि हमलों, हत्या की घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि क्या अल्पसंख्यकों को पर्याप्त सुरक्षा मिल पा रही है। स्थानीय हिंदू परिवारों का कहना है कि कमजोर कार्रवाई और मामलों के लंबे समय तक लटके रहने से अपराधियों के हौसले बढ़ते हैं। सिराज/ईएमएस 16जनवरी26