-जीएसटी से जुड़े दस्तावेजों को अधिकारियों ने किया जब्त -दो दिनों तक चलते रही जांच बालाघाट (ईएमएस). टैक्स चोरी के इनपुट मिलने पर राज्य गुड्स एवं सर्विस टेक्स जबलपुर की एंटी विजन ब्यूरो टीम ने गुरूवार की देर रात मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री और भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में छापामार कार्यवाही की। कार्यवाही के दौरान जीएसटी एंटी विजन ब्यूरो टीम ने जीएसटी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जांच के लिए जब्त किया है। दस्तावेजों की जांच के बाद ही टैक्स चोरी के आंकड़े सामने आ पाएंगे। बताया गया है कि कावरे बंधुओं द्वारा बड़ी टैक्स की चोरी की है। पूर्व मंत्री और वर्तमान भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे के हर्ष कंस्ट्रक्शन में जो राज्य जीएसटी टीम ने छापामार कार्यवाही की है, उसकी जानकारी संगठन के बड़े नेताओं को भी है। पार्टी के बड़े नेताओं से हरी झंडी मिलने के बाद ही कावरे बंधुओं के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यवाही की गई है। इस कार्यवाही से सत्ताधारी नेताओं में हडक़ंप है। कोई भी नेता कार्यवाही को लेकर प्रतिक्रिया देने से गुरेज बरत रहा है। इसके पहले पूर्व मंत्री संजय पाठक पर भी इसी तरह की कार्यवाही की गई थी, जिसमें भाजपा नेता पाठक से 450 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूला गया है। दस्तावेजों की जांच के बाद टैक्स चोरी का खुलासा होने पर पूर्व मंत्री व भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे को घेरने की तैयारी विपक्ष के नेताओं ने कर ली है। इस कार्यवाही से पूर्व मंत्री कावरे के राजनीतिक छबि पर भी असर पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि जीएसटी एंटी विजन ब्यूरो टीम ने गुरुवार को हर्ष कंस्ट्रक्शन और वैनगंगा कंस्ट्रक्शन के कार्यालय में छापामार कार्यवाही की थी। जिसमें हर्ष कंस्ट्रक्शन पूर्व मंत्री व भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे और उनके बड़े भाई कुमार कावरे का है। वहीं वनैगंगा कंस्ट्रक्शन संतोष जायसवाल और उनके पार्टनर घरड़े का है। वैनगंगा कंस्ट्रक्शन के कार्यालय में भी जीएसटी की टीम ने गुरुवार को छापामार कार्यवाही की थी। बताया गया है कि पूर्व मंत्री व भाजपा जिला अध्यक्ष रामकिशोर कावरे और उनके भाई कुमार कावरे द्वारा तेल कंपनी, राइस मिल व वेयर हाउस का संचालन किया जाता है। वहीं ठेके पर कंस्ट्रक्शन का कार्य भी किया जाता है। इतना ही नहीं कावरे बंधुओं द्वारा रेत का कारोबार भी कर रहे हैं। इन सभी कार्यों में कावरे बंधुओं ने टैक्स की चोरी की है। राज्य कर अधिकारी विवेक सिंह के नेतृत्व में जीएसटी एंटी विजन ब्यूरो की टीम ने यह कार्यवाही की। कावरे बंधुओं द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की जांच शुक्रवार को भी जारी रही। दो दिनों तक चली कार्यवाही राज्य जीएसटी एंटी विजन की टीम ने हर्ष कंस्ट्रक्शन में गुरुवार की देर रात्रि छापामार कार्यवाही की थी। शुक्रवार को भी जीएसटी टीम की कार्यवाही जारी रही। बताया गया है कि गुरुवार को देर रात्रि तक अधिकारी कावरे बंधुओं के कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच करते रहे। दस्तावेज उपलब्ध कराने में छुटे पसीने कावरे बंधुओं को अपने कारोबार से जुड़े दस्तावेज जुटाने में पसीने छुट गए। दरअसल, जब जीएसटी टीम ने छापामार कार्यवाही की थी, तब कावरे बंधुओं के पास पूरे दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। जिसके चलते जीएसटी टीम ने उन्हें दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने का मौका दिया है। जांच अधिकारियों की माने तो कावरे बंधुओं को उनके कारोबार से जुड़े पिछले पांच वर्षों के दस्तावेज उपलब्ध कराने का समय दिया गया है। शुक्रवार की देर शाम तक कावरे बंधुओं ने कारोबार से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए थे। कहीं जीएसटी चोरी को रफा-दफा करने की तैयारी तो नहीं कावरे बंधुओं को उनके कारोबार से जुड़े दस्तावेजों को जुटाने का जो समय जीएसटी एंटी विजन ब्यूरो की टीम ने दिया है, वह कहीं कर चोरी के मामले को रफा-दफा करने की तैयारी तो नहीं है। दरअसल, मामला सत्ताधारी नेता से जुड़ा हुआ है। पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे, वर्तमान में भाजपा के जिलाध्यक्ष भी है। जिससे उनसे जुड़ी कंस्ट्रक्शन फर्म पर जीएसटी की जांच के बाद राजनीतिक हल्के में चर्चाएं गर्म है। अधिकारी केवल जांच जारी होने की बात कह रहे हैं। भानेश साकुरे / 16 जनवरी 2026