अंतर्राष्ट्रीय
17-Jan-2026
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2025 में इस सूची में 85वें स्थान पर था भारत नई दिल्ली (ईएमएस)। 2026 में दुनिया के पासपोर्ट की ताकत का नया आंकड़ा सामने आया है। ये दिखाता है कि ग्लोबल मोबिलिटी की खाई और बड़ी है। हेन्ली पासपोर्ट इंडेक्स के मुताबिक, कूटनीति, आर्थिक ताकत और राजनीतिक स्थिरता ने इस रैंकिंग को पूरी तरह बदल दिया है। जहां सिंगापुर ने फिर दुनिया का सबसे मजबूत पासपोर्ट का ताज अपने नाम किया है, जबकि कई यूरोपीय देश पीछे छूटते दिख रहे हैं। ये इंडेक्स बताता है कि पासपोर्ट कितनी जगहों पर बिना वीजा के घूमने की आजादी देता है। सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया में नंबर 1 है। इसके धारक 192 देशों में बिना पहले वीजा लिए जा सकते हैं। ये लगातार कई सालों से टॉप पर बना हुआ है। जापान और साउथ कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं, दोनों के पासपोर्ट से 188 जगहों पर वीजा-फ्री एंट्री मिलती है। वहीं तीसरे नंबर पर डेनमार्क, लक्जमबर्ग, स्पेन, स्वीडन और स्विट्जरलैंड हैं, हर एक से 186 डेस्टिनेशन वीजा-फ्री हैं। चौथे नंबर पर 10 यूरोपीय देश टाई हैं। इसमें ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड्स और नॉर्वे शामिल हैं। इनके पासपोर्ट से 185 जगहों पर आसानी से घूमा जा सकता है। पांचवें स्थान पर हंगरी, पुर्तगाल, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया और यूएई हैं, जहां 184 डेस्टिनेशन वीजा-फ्री हैं। इस सूची में यूएई की तरक्की खास है, क्योंकि इसने आक्रामक वीजा डिप्लोमेसी से बड़ा उछाल मारा है। छठे नंबर पर क्रोएशिया, चेकिया, एस्टोनिया, माल्टा, न्यूजीलैंड और पोलैंड हैं। सातवें पर ऑस्ट्रेलिया, लातविया, लिकटेंस्टीन और यूके हैं। आठवें स्थान पर कनाडा, आइसलैंड और लिथुआनिया हैं। नौवें पर मलेशिया और दसवें पायदान पर दुनिया का ताकतवार देश अमेरिका है। वहीं भारत का पासपोर्ट 2026 में 80वें स्थान पर है। भारतीय पासपोर्ट धारक अब 55 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल जा सकते हैं। बीते साल यानी 2025 में भारत 85वें स्थान पर था, इस हिसाब ये पांच पायदानों की बढ़त है। भारत अभी भी ग्लोबल औसत से काफी नीचे है और कई उभरते देशों से पीछे चल रहा है। ज्यादा तर देशों में भारतीयों को पहले वीजा लेना पड़ता है। इस लिस्ट में सबसे निचले पायदान पर अफगानिस्तान है। इसका पासपोर्ट सिर्फ 24 जगहों पर वीजा-फ्री एक्सेस देता है। आशीष/ईएमएस 17 जनवरी 2026