राज्य
17-Jan-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। प्रवर्तन निदेशालय ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी और इससे जुड़े लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, ईडी मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत यूनिवर्सिटी कैंपस को अटैच करने की तैयारी कर रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी और इससे जुड़े लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में जवाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम शामिल हैं। ईडी का दावा है कि अल-फलाह ट्रस्ट की ओर से ऑपरेट कई शिक्षण संस्थानों ने छात्रों के साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी की है। ईडी ने इससे पहले इस मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। जांच के दौरान एजेंसी को संदेह है कि यूनिवर्सिटी से जुड़े फंड्स को गलत तरीके से डायवर्ट किया गया और उनकी वास्तविक सोर्सिंग को छुपाया गया। इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान ईडी ने बैंक ट्रांजैक्शंस, अकाउंट बुक्स और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई अहम दस्तावेजों की पड़ताल की। ईडी ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी की अब तक करीब 58 एकड़ में फैली 140 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच किया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का कहना है कि जांच आगे भी जारी है और जरूरत पड़ने पर और कार्रवाई की जा सकती है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा जगत और ट्रस्ट से जुड़े मामलों में हलचल तेज हो गई है।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का कहना है कि इनके पास शिक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक वैध मान्यता नहीं थी, इसके बावजूद छात्रों से फीस वसूली गई। सूत्रों के मुताबिक, ईडी मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत यूनिवर्सिटी कैंपस को अटैच करने की तैयारी कर रही है। एजेंसी को संदेह है कि विश्वविद्यालय की कई इमारतों के निर्माण में अपराध से अर्जित आय का इस्तेमाल किया गया है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/17/ जनवरी /2026