मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने हार पर कहा- इससे पार्टी हताश नहीं है मुंबई,(ईएमएस)। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव में मिली हार पर कहा कि यह चुनाव भारी धनबल और सत्ता की ताकत बनाम शिवशक्ति के बीच था। बीजेपी नीत महायुति गठबंधन ने बीएमसी समेत राज्य की 24 अन्य नगर निगमों में जबरदस्त जीत हासिल की है, जबकि मनसे को महज 13 सीटें जीती हैं। मुंबई की 227 सदस्यीय बीएमसी में मनसे को केवल 6 सीटें प्राप्त हुईं। ठाकरे ने इस हार को स्वीकार करते हुए कहा कि मनसे को अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन इससे पार्टी हताश नहीं है और न ही हार मान रही है। उन्होंने चुने गए मनसे पार्षदों को बधाई दी और कहा कि वे सत्ताधारी ताकतों के सामने जमीन पर मजबूती से खड़े रहेंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राज ठाकरे ने साफ किया कि चुनाव नतीजों का विशेषण करेंगे। उन्होंने कहा कि जो गलत हुआ, जो छूट गया, जहां कमी रह गई और आगे क्या करना है, हम सब मिलकर इसका विश्लेषण करेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे। उन्होंने मनसे के मूल सिद्धांतों को दोहराते हुए कहा कि पार्टी मराठी लोगों, मराठी भाषा, मराठी अस्मिता और समृद्ध महाराष्ट्र के लिए संघर्षरत है। ठाकरे ने चेतावनी दी कि सत्ताधारी दल और उनके समर्थक मराठी लोगों को परेशान करने और शोषित करने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव आते-जाते रहते हैं, लेकिन हमारी सांस मराठी है और इसे कभी नहीं भूलना चाहिए। बता दें यह चुनाव ठाकरे परिवार के लिए विशेष महत्व रखता था, क्योंकि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने 20 साल बाद एकसाथ आकर इलेक्शन लड़ा था, लेकिन यह गठजोड़ राज्य स्तर पर फेल हो गया। बीजेपी ने 1,425 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 399 और अजीत पवार की एनसीपी को 167 सीटें मिलीं। मनसे की सीमित सफलता से साफ है कि मराठी अस्मिता के मुद्दे पर उनका प्रभाव कमजोर पड़ गया है। राज ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं की सराहना की और कहा कि अगर मराठी लोगों के खिलाफ कोई कदम उठाया गया तो चुने हुए पार्षद सत्ता को घुटनों पर ला देंगे। सिराज/ईएमएस 17जनवरी26