-2047 तक देशभर में 4,500 वंदे भारत ट्रेनें चलाने का लक्ष्य नई दिल्ली,(ईएमएस)। वंदे भारत 4.0 ट्रेनें 350 किमी की रफ्तार से दौड़ने को तैयार हैं, जो भारत को दुनिया के सबसे तेज रेल प्रणालियों वाले देशों की श्रेणी में खड़ा कर देगी। रेल मंत्रालय के मुताबिक यह विकास भारत की अगली पीढ़ी की हाई स्पीड रेल यात्रा के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसे विशेष रूप से डेडीकेटेड हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए डिजाइन किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2019 में पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेनसेट की शुरुआत हुई थी। सितंबर 2022 में सुरक्षा फीचर्स बढ़ाया। इसके बाद 2025 में ऊर्जा दक्षता और यात्री सुविधाओं में सुधार की गई। 2026 में इसका स्लीपर वेरिएंट लॉन्च किया जाएगा। यह लंबी दूरी की ट्रेन होगी, जो कि रात में भी चलेगी। 2027 में इसका चौथा वर्जन लॉन्च किया जाएगा, जिसकी अधिकतम स्पीड 350 किमी प्रति घंटा होगी। बता दें 2047 तक देशभर में 4,500 वंदे भारत ट्रेनों का लक्ष्य रखा गया है। वंदे भारत 4.0 केवल रफ्तार ही नहीं बल्कि सुरक्षा के मामले में भी यह दुनिया के बेहतरीन मानकों को अपनाएगी। कवच 5.0 भारत का स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है। यह ट्रेनों को आपस में टकराने से रोकता है, सिग्नल जंप होने पर अपने आप ब्रेक लगाता है और ओवरस्पीडिंग को नियंत्रित करता है। यह तकनीक ब्रेक लगाते समय ऊर्जा पैदा करती है, जिसे वापस ग्रिड में भेजा जाता है, जिससे बिजली की भारी बचत होती है। रिपोर्ट के मुताबिक इसमें सेमी-परमानेंट कपलर और बेहतर सस्पेंशन लगाए गए हैं, जिससे हाई-स्पीड पर भी यात्रियों को झटके महसूस नहीं होते। वंदे भारत 4.0 में हवा को कीटाणुरहित करने के लिए स्वदेशी यूवी-सी लैंप आधारित डिसइन्फेक्शन सिस्टम। पूरी तरह से सीलबंद गैंगवे और केंद्रीय रूप से नियंत्रित ऑटोमैटिक प्लग डोर लगाए गए हैं। विशेष रूप से डिजाइन किए गए शौचालय और बैठने की व्यवस्था होगी। सुरक्षा के लिए हर कोच में कैमरे और चालक दल से बात करने के लिए इमरजेंसी यूनिट भी लगाया जा रहा है। सिराज/ईएमएस 18 जनवरी 2026