अंतर्राष्ट्रीय
18-Jan-2026
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तेहरान,(ईएमएस)। ईरान में जारी व्यापक सरकार-विरोधी प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई के बीच पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को मजबूत किया है। अमेरिकी नौसेना का न्यूक्लियर एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन, उसके साथ युद्धपोतों का बेड़ा और टोमाहॉक क्रूज मिसाइलों से लैस डिस्ट्रॉयर मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि अगर ईरान में दमन जारी रहा, तब अमेरिका हस्तक्षेप से पीछे नहीं हटेगा। इन घटनाओं के चलते क्षेत्र में युद्ध की आशंका तेज है। इस बीच ईरानी सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के कथित “सीक्रेट बंकर” को लेकर चर्चा तेज है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 86 वर्षीय खामेनेई और उनका परिवार तेहरान के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित लवीजान इलाके के एक गहरे भूमिगत बंकर में मौजूद हैं। यह इलाका पहले से ही सैन्य और परमाणु अनुसंधान से जुड़ी गुप्त सुविधाओं के लिए जाना जाता है। बताया जा रहा है कि यह बंकर करीब 90 से 100 मीटर या उससे भी अधिक गहराई में है और अत्याधुनिक एंटी-बॉम्ब तथा एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम से सुरक्षित है। खामेनेई के साथ उनके बेटे मुजतबा सहित परिवार के सदस्य हैं। सुरक्षा की जिम्मेदारी एक बेहद गोपनीय एलीट यूनिट संभाल रही है, जो कथित तौर पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरसीजी) के दायरे से भी अलग रखी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके पहले 2024-25 में इजरायल के साथ हुए टकराव और ‘ट्रू प्रॉमिस ऑपरेशन’ के दौरान भी खामेनेई इसी तरह के बंकर में शरण ले चुके थे। जून 2025 में इजरायली हमलों के बाद उन्हें लवीजान बंकर में शिफ्ट किए जाने की बात कही गई थी। विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका या इजरायल सीधे सुप्रीम लीडर को निशाना बनाते हैं, तब इससे ईरान में बड़ा राजनीतिक उलटफेर हो सकता है। अब तक हमले मुख्य रूप से परमाणु ठिकानों जैसे फोर्डो तक सीमित रहे हैं, लेकिन खामेनेई का बंकर अलग रणनीतिक महत्व रखता है। प्रदर्शनों के बीच यदि शीर्ष नेतृत्व असुरक्षित दिखता है, तो शासन की पकड़ कमजोर पड़ सकती है। आशीष/ईएमएस 18 जनवरी 2026