नई दिल्ली,(ईएमएस)। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) की रिपोर्ट के अनुसार, बीते वर्ष मार्च 2025 से 13 सितंबर 2025 के बीच दुनियाभर में करीब 1 लाख 10 हजार भूकंप के झटके दर्ज किए गए। लगातार आ रहे ये भूकंप पृथ्वी की सतह पर बढ़ती भूगर्भीय गतिविधियों का संकेत हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रकृति का मानव को चेतावनी देने का तरीका भी हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसी बीच फिलीपींस के सेबू प्रांत में मंगलवार रात 6.9 तीव्रता का भूकंप आया। इस भूकंप से 60 लोगों की मौत और करीब 150 लोग घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। भूकंप का केंद्र बोगो शहर के पास था, जिसकी आबादी लगभग 90 हजार है। तेज झटकों से एक चर्च का ऊपरी हिस्सा गिर गया और एक होटल की फर्श टाइलें टूट गईं। मैकडॉनल्ड्स के एक दो मंजिला आउटलेट की दीवारें भी टूट गईं और इमारत झुक गई। भूकंप के दौरान लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। रैम्प वॉक शो में मौजूद महिला मॉडल और दर्शक भी सुरक्षित जगह की तलाश में भागते नजर आए। एक ब्लॉगर ने अपने कैमरे में भूकंप के झटकों को रिकॉर्ड किया। रेस्क्यू टीमों ने घायल लोगों को बचाने और अस्पताल तक पहुँचाने का काम शुरू कर दिया। लेकिन अस्पताल में पर्याप्त जगह न होने के कारण कई घायलों का इलाज बाहर ही करना पड़ा। यूएसजीएस के अनुसार, पिछले वर्ष 2025 के छह माह में दर्ज 1 लाख 10 हजार भूकंप पृथ्वी की सतह पर बढ़ती प्लेट टेक्टोनिक्स गतिविधियों और “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र की सक्रियता का संकेत हैं। फिलीपींस भी रिंग ऑफ फायर के पास स्थित है, जो ज्वालामुखीय गतिविधियों और भूकंप के लिए संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार भूकंप और प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेना होगा। सतर्कता और समय पर बचाव प्रयास ही जान-माल की हानि को कम कर सकते हैं। हिदायत/ईएमएस 18 जनवरी 2026