अंतर्राष्ट्रीय
18-Jan-2026
...


लंदन,(ईएमएस)। यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक और यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कैलास ने अमेरिका और यूरोप के बीच गहराते कूटनीतिक और आर्थिक मतभेदों को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आगाह किया है कि पश्चिमी सहयोगियों के बीच पैदा हो रही फूट का सीधा और सबसे बड़ा फायदा चीन और रूस को मिल रहा है। कैलास ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किए गए अपने संदेश में रेखांकित किया कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में बीजिंग और मॉस्को संभवतः इन विवादों का जश्न मना रहे होंगे, क्योंकि लोकतांत्रिक देशों के बीच का आपसी टकराव उनके रणनीतिक हितों को साधने का काम कर रहा है। काजा कैलास का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच तनाव चरम पर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पश्चिमी देशों की एकजुटता में किसी भी प्रकार की कमी उन ताकतों को और अधिक शक्तिशाली बनाएगी जो वर्तमान वैश्विक व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश कर रही हैं। ग्रीनलैंड की सुरक्षा चिंताओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि यदि इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर कोई संशय है, तो उसे नाटो के ढांचे के भीतर ही सुलझाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, अलग-अलग मंचों पर बयानबाजी करने से केवल विवाद बढ़ेगा, जबकि समाधान सामूहिक सुरक्षा फ्रेमवर्क के जरिए ही संभव है। आर्थिक मोर्चे पर कैलास ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित टैरिफ वॉर को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि व्यापारिक प्रतिबंधों और टैरिफ की लड़ाई से यूरोप और अमेरिका, दोनों ही पक्ष आर्थिक रूप से कमजोर होंगे। यह न केवल साझा समृद्धि को चोट पहुँचाएगा, बल्कि ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों में ऐसी दरार पैदा करेगा जिसे भरना भविष्य में कठिन हो सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि व्यापारिक टकराव सहयोगियों की सामूहिक आर्थिक शक्ति को क्षीण करता है, जिससे वैश्विक बाजार में विरोधी शक्तियों का वर्चस्व स्थापित होने की राह आसान हो जाती है। इस विवाद की पृष्ठभूमि में अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ग्रीनलैंड मुद्दे को लेकर डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा है, जिसे भविष्य में 25 प्रतिशत तक बढ़ाने की धमकी दी गई है। अमेरिका इसे राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा का मुद्दा बता रहा है, जबकि यूरोपीय नेतृत्व इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन मान रहा है। इसी के जवाब में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ अपनी अटूट एकजुटता व्यक्त की है। अंत में, काजा कैलास ने यूक्रेन युद्ध के प्रति पश्चिमी देशों के दायित्वों को याद दिलाते हुए कहा कि आपसी कलह के कारण रूस के खिलाफ चल रही रणनीतिक लड़ाई से ध्यान नहीं भटकना चाहिए। उनका मानना है कि मुख्य लक्ष्य रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए आक्रमण को समाप्त कराना होना चाहिए, और इस मार्ग में आपसी व्यापारिक या क्षेत्रीय मतभेद किसी भी कीमत पर बाधक नहीं बनने चाहिए। वीरेंद्र/ईएमएस/18जनवरी2026