कराची(ईएमएस)। पाकिस्तान के सबसे बड़े दक्षिणी शहर कराची में शनिवार रात एक बहुमंजिला शॉपिंग सेंटर में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि करीब एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस और बचाव अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कराची के प्रसिद्ध थोक बाजार गुल प्लाजा में रात करीब 10 बजे आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद दमकल विभाग और राहत कार्यों के लिए रेस्क्यू टीमें तत्काल मौके पर रवाना की गईं। गुल प्लाजा एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां मुख्य रूप से कपड़े, घरेलू सजावट का सामान, खिलौने और इलेक्ट्रॉनिक्स का थोक व्यापार होता है। चश्मदीदों के मुताबिक, आग उस समय लगी जब अधिकांश दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर चुके थे या घर जाने की तैयारी में थे। एक दुकानदार मोहम्मद अहसान ने बताया कि वह ग्राहकों को दुकान बंद होने की सूचना दे रहा था, तभी अचानक गेट नंबर पांच की ओर से लपटें उठती दिखाई दीं। दुकानदारों ने शुरुआती स्तर पर अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्सटिंग्विशर) की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन इमारत के एक हिस्से में भारी मात्रा में जमा आयातित कपड़े, रेडीमेड गारमेंट्स और प्लास्टिक के सामान के कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और सीढ़ियों व पानी की तेज बौछारों की मदद से घंटों तक मशक्कत की गई। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इमारत की खिड़कियों और बालकनियों से निकलती लपटें और काला धुआं कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। बचाव कर्मियों ने अब तक तीन शव बरामद किए हैं, वहीं आशंका जताई जा रही है कि कुछ और लोग अब भी इमारत के भीतर फंसे हो सकते हैं। घायल हुए लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कूलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही विस्तृत जांच शुरू की जाएगी। कराची में शॉपिंग मॉल में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है; इससे पहले नवंबर 2023 में भी एक बड़े मॉल में आग लगने से 10 लोगों की जान चली गई थी। यह हादसा एक बार फिर कराची सहित पाकिस्तान के प्रमुख शहरों की बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी सिस्टम और आपातकालीन निकास की भारी कमी को उजागर करता है, जिसकी वजह से बार-बार जान-माल का बड़ा नुकसान हो रहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/18जनवरी2026