अंतर्राष्ट्रीय
18-Jan-2026
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वॉशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर एक बार फिर कड़ा बयान जारी कर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में खलबली मचा दी है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि रूस और चीन जैसे देश ग्रीनलैंड की रणनीतिक स्थिति पर लगातार नजर गड़ाए हुए हैं, जबकि डेनमार्क के पास इन परिस्थितियों को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस क्षमता नहीं है। उनके अनुसार, वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में केवल अमेरिका ही इस रणनीतिक खेल में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। ट्रंप ने दावा किया कि ग्रीनलैंड के इर्द-गिर्द कुछ यूरोपीय देशों की हालिया गतिविधियां वैश्विक सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर रही हैं, जिसे उन्होंने एक अस्थिर और असुरक्षित स्थिति बताया। राष्ट्रपति ने घोषणा की कि विश्व शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वे सख्त फैसले लेने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने ग्रीनलैंड के मुद्दे को सीधे व्यापारिक शुल्कों से जोड़ते हुए कहा कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं होता, तब तक प्रस्तावित टैरिफ लागू रहेंगे। नई घोषणा के अनुसार, 1 फरवरी 2026 से अमेरिका आने वाले सभी सामानों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा, जिसे 1 जून 2026 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा। ट्रंप ने साफ किया कि ये शुल्क ग्रीनलैंड की पूर्ण और अंतिम खरीद के समझौते तक जारी रहेंगे। इस रणनीतिक रुख के पीछे ट्रंप ने अमेरिका की महत्वाकांक्षी रक्षा परियोजना गोल्डन डोम और अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक आक्रामक और रक्षात्मक तकनीकों के प्रभावी संचालन के लिए ग्रीनलैंड का भौगोलिक स्थान रणनीतिक रूप से अनिवार्य है। हालांकि, कड़े रुख के बावजूद ट्रंप ने संवाद का द्वार खुला रखा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस संवेदनशील मुद्दे पर डेनमार्क और अन्य संबंधित देशों के साथ तत्काल बातचीत के लिए तैयार है ताकि एक सर्वसम्मत समाधान निकाला जा सके। वीरेंद्र/ईएमएस/18जनवरी2026