राष्ट्रीय
18-Jan-2026
...


-तीन महिलाओं पर मामला दर्ज, दो गिरफ्तार तीसरी की तलाश जारी मुंबई,(ईएमएस)। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमीग्रेशन अधिकारियों ने अवैध व्यावसायिक सरोगेसी और एग डोनेशन से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। बैंकॉक से मुंबई लौटी दो महिला यात्रियों से पूछताछ के बाद इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके बाद दो महिला आरोपियों को सहार पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि तीसरी महिला आरोपी की तलाश जारी है। जानकारी अनुसार सहार पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से आरोपी सुनोती सुशील बेलेल और आरोपी सीमा विंझारत को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीसरी आरोपी संगीता नीलेश बागुल फरार बताई जा रही है, जिसकी पुलिस को तलाश है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिलाएं बैंकॉक से एक ही उड़ान से मुंबई पहुंची थीं और इमीग्रेशन जांच के दौरान उनके यात्रा उद्देश्य को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ। पुलिस ने बताया, कि 16 जनवरी 2026 को इंडिगो की उड़ान संख्या 6ई-1052 से मुंबई पहुंचीं दोनों महिलाओं से जब पूछताछ की गई तो वे विदेश यात्रा के उद्देश्य को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। इसके बाद की गई विस्तृत जांच में अवैध एग डोनेशन और सरोगेसी रैकेट से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि सुनोती सुशील बेलेल वर्ष 2024 से आईवीएफ सेक्टर में एजेंट के तौर पर काम कर रही थी। उसने अपनी सहयोगी संगीता बागुल के साथ मिलकर ठाणे में ‘एलीट केयर’ नाम की एजेंसी बनाई थी। इस एजेंसी के जरिए भारत और विदेशों के प्रजनन केंद्रों को एग डोनर और सरोगेट मदर उपलब्ध कराई जाती थीं, जिसके बदले मोटी रकम ली जाती थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि एजेंसी द्वारा अविवाहित महिलाओं को फर्जी दस्तावेजों के जरिए विवाहित दर्शाया जाता था, ताकि उन्हें एग डोनेशन के लिए इस्तेमाल किया जा सके। जबकि सरोगेसी (नियमन) अधिनियम, 2021 के तहत एग डोनेशन के लिए महिला का विवाहित होना और कम से कम एक संतान का होना अनिवार्य है। अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क का हुआ खुलासा दूसरी आरोपी सीमा विंझारत ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह 2022 में संगीता बागुल के संपर्क में आई थी। उसने 2023 से 2025 के बीच भारत के अलावा केन्या, कजाकिस्तान और थाईलैंड के विभिन्न क्लीनिकों में एग डोनेशन किया। हाल ही में उसे बैंकॉक एग डोनेशन से जुड़े मेडिकल टेस्ट के लिए ले जाया गया था, जिसके बदले उसे भारी भुगतान किया गया। पासपोर्ट के साथ ही मोबाइल जब्त पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, पासपोर्ट, बोर्डिंग पास, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। सहार पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सरोगेसी (नियमन) अधिनियम, 2021 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। हिदायत/ईएमएस 18जनवरी26