राष्ट्रीय
19-Jan-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) आज अपना 21वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बल के जवानों की अदम्य बहादुरी, पेशेवर दक्षता और सेवा के प्रति उनके समर्पण की जमकर सराहना की है। प्रधानमंत्री ने एक भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि एनडीआरएफ के जवान संकट के समय हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहकर न केवल लोगों की जान बचाते हैं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में राहत प्रदान कर उम्मीद की किरण भी जगाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से एनडीआरएफ के सभी पुरुष और महिला कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका पक्का इरादा और प्रोफेशनलिज्म मुश्किल समय में देश के लिए सबसे बड़ा संबल साबित होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भी कोई प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा आती है, यह बल बिना थके सबसे चुनौतीपूर्ण हालातों में भी राहत और बचाव कार्यों में जुट जाता है। प्रधानमंत्री के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में एनडीआरएफ आपदा प्रबंधन और तैयारी के मामले में न केवल देश के भीतर एक मिसाल बनकर उभरा है, बल्कि इसने अपनी कार्यकुशलता से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत सम्मान अर्जित किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी स्थापना दिवस पर बल के कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एनडीआरएफ आज आपदा-प्रतिरोधी भारत बनाने के संकल्प में एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज संकट के समय पूरा देश इस बल पर भरोसा करता है। उन्होंने उन शहीदों को भी नमन किया जिन्होंने दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी जवानों के साहस और अटूट लगन को सलाम किया। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई और जान बचाने के कौशल ने इस बल को लचीलेपन और तैयारी का प्रतीक बना दिया है। आज यह बल अपनी निस्वार्थ सेवा के कारण देश और विदेश दोनों ही जगहों पर प्रशंसा का पात्र बना हुआ है। स्थापना दिवस के इन संदेशों ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत की बढ़ती शक्ति और एनडीआरएफ के जवानों के निरंतर संघर्ष को रेखांकित किया है। वीरेंद्र/ईएमएस/19जनवरी2026 -----------------------------------