राष्ट्रीय
19-Jan-2026
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-सपा प्रमुख अखिलेश ने शंकराचार्य को स्नान से रोकने और समर्थकों की पिटाई की निंदा की प्रयागराज,(ईएमएस)। मौनी अमावस्या के मौके पर प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों और उत्तर प्रदेश की होम सेक्रेटरी मोहिता गुप्ता के साथ पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस के बाद विवाद बढ़ गया। स्थिति हाथापाई में बदल गई, जिससे मेले में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मौनी अमावस्या स्नान करने से इनकार कर दिया और अपनी पालकी के साथ बीच रास्ते से ही अखाड़े लौट गए। इस घटना के बाद से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया, जिसमें समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। अखिलेश ने शंकराचार्य को स्नान से रोकने और समर्थकों की पिटाई की निंदा की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अखिलेश यादव ने प्रयागराज में माघ मेला में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस द्वारा संगम में स्नान करने से रोकने और उनके कुछ समर्थकों की पिटाई की घटना की निंदा करते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की। यादव ने कि प्रयागराज में माघ मेला क्षेत्र में पिछले साल की तरह ही इस साल फिर से साधु-संतों-भक्तों के साथ हुआ दुर्व्यवहार अक्षम्य है। उन्होंने कहा कि यह घोर निन्दनीय है। सदियों से चली आ रही शाही-स्नान की अखंड सनातनी परंपरा में गत वर्ष भी इसी सरकार द्वारा विघ्न डाला गया था। सपा प्रमुख ने कहा कि सवाल ये है कि ऐसी घटनाएं बीजेपी की सरकार में ही क्यों हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मौनी अमावस्या का शाही-स्नान क्या पहली बार हो रहा है। इस अवस्था के लिए बीजेपी का कुशासन और नाकाम व्यवस्था ही दोषी है। उन्होंने वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर हो रहे सौंदर्यीकरण कार्य पर सवाल उठाने के लिए विपक्ष की आलोचना को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि अहंकारी बीजेपी शासन और प्रशासन अपने से बड़ा किसी को नहीं मानता है। अब क्या इसका दोष भी ‘एआई’ पर मढ़ेंगे? सीएम योगी ने आरोप लगाया था कि विपक्ष मणिकर्णिका घाट पर हो रहे मरम्मत कार्य को गलत तरीके से पेश करने के लिए एआई से बनाई गई तस्वीरों का इस्तेमाल कर रहा है। सपा प्रमुख ने पूरे मामले की जांच की मांग की और कहा कि बीजेपी सरकार लापरवाह और संवेदनहीन है। बता दें रविवार को ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके समर्थकों को संगम में जाने से रोकने और विरोध करने पर कुछ समर्थकों की पिटाई किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वहीं, शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज को प्रशासन ने जानबूझकर स्नान करने से रोका और यह घटना पूरी तरह से सुनियोजित थी। योगीराज ने दावा किया कि शंकराचार्य के समर्थक शांतिपूर्ण ढंग से संगम नोज की तरफ स्नान के लिए जा रहे थे, लेकिन षड़यंत्र के तहत प्रशासन के लोगों ने समर्थकों को धक्का दिया और संतों को बर्बरतापूर्वक पीटा जो गलत है। सिराज/ईएमएस 19जनवरी26